Sonbhadra News : मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
जनपद में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके दो सक्रिय सदस्यों.....

पुलिस के गिरफ्त में मानव तस्कर....
sonbhadra
8:26 PM, June 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• सोनभद्र से जयपुर तक फैला था नेटवर्क, मासूम बच्चियों को बेचकर कमाते थे लाखों रुपये
सोनभद्र । जनपद में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें दूसरे राज्यों में मोटी रकम लेकर बेच देता था।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा सदर कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक फैला हुआ था और इसके सदस्य मासूम बच्चियों को शिकार बनाकर मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। गश्त के दौरान उपनिरीक्षक योगेंद्र पांडेय को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले में वांछित दो आरोपी रॉबर्ट्सगंज फ्लाईओवर के नीचे मौजूद हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में विपिन पुत्र रमाशंकर उर्फ गन्नू निवासी दुमदुमा, थाना चुनार, जनपद मिर्जापुर तथा काजल उर्फ मंजू पत्नी पवन चौधरी निवासी खरौंधी, थाना कोन, जनपद सोनभद्र शामिल हैं। वर्तमान में महिला आरोपी रॉबर्ट्सगंज के अंबेडकरनगर क्षेत्र में रह रही थी। दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया और बाद में उसे विभिन्न राज्यों में सक्रिय गिरोह के अन्य सदस्यों के माध्यम से कई लोगों को बेच दिया। इस दौरान पीड़िता का शारीरिक एवं मानसिक शोषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के सदस्यों के बीच लाखों रुपये के लेन-देन तथा बैंक खातों के माध्यम से हुए संदिग्ध आर्थिक लेनदेन के भी साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़िता के न्यायालय में दर्ज कराए गए बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर दोनों आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित हुई है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक योगेंद्र पांडेय, मुख्य आरक्षी संजीव राय, मुख्य आरक्षी संदीप राय, आरक्षी मनीष यादव एवं महिला आरक्षी आकृति मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




