Sonbhadra News : मध्यप्रदेश के बैसवार कैसे उत्तर प्रदेश में जाति बदल कर ले रहे लाभ, जांच हुई तो हो सकता है बड़े रैकेट का खुलासा
सोनभद्र पुलिस ने जिस तरह से मध्य प्रदेश के ऐसे चार लोगों को गिरफ्तार किया है जो पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर नियुक्ति हेतु घोरावल तहसील से फर्जी जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करा लिया था ।

प्रतीकात्मक तस्वीर
sonbhadra
12:53 PM, August 29, 2025
शान्तनु कुमार
सोनभद्र पुलिस ने जिस तरह से मध्य प्रदेश के ऐसे चार लोगों को गिरफ्तार किया है जो पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर नियुक्ति हेतु घोरावल तहसील से फर्जी जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करा लिया था । लेकिन किस्मत खराब होने की वजह से पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दरअसल मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के निवासी उमेश कुमार बैस, विजय कुमार , राकेश सिंह और दीपक कुमार बैस बैसवार जाति के हैं । मध्यप्रदेश में बैसवार जाति पिछड़ी में आती है जबकि उत्तर प्रदेश मेम उक्त जाति अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है । इसी का लाभ लेने के लिए चारो अभ्यर्थी स्वयं को घोरावल तहसील क्षेत्र का निवासी बताते हुए घोरावल तहसील से अनुसूचित जाति के अंतर्गत जाति प्रमाण पत्र जारी करवा लिया । लेकिन लाभ लेने के पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
यह खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया । चर्चाओं की माने तो मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र आकर बैसवार जाति के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर लाभ लेने का मामला कोई नया नहीं है । पहले भी बहुतेरे लोग मध्यप्रदेश से सोनभद्र आकर जाति का लाभ लेकर सरकारी नौकरियों में लगे हुए हैं । चर्चाओं की माने तो ऐसे लोग सबसे ज्यादा शिक्षा विभाग में लाभ लिए हुए हैं और बेधड़क नौकरी कर रहे हैं । इस तरह का एक मामला कुछ वर्ष पहले म्योरपुर क्षेत्र से सामने आया था जिसमें जांच के नाम पर तत्कालीन एबीएसए द्वारा प्रताड़ित किये जाने की बात सामने आई थी । मामला बढ़ा तो प्रशासन ने मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी थी । मगर जांच में क्या निकला वह आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया ।
कुल मिलाकर पुलिस की सक्रियता से इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आ सका है । ऐसे में यदि प्रशासन थोड़ी सी सक्रियता दिखाए तो अन्य विभागों में भी फर्जीवाड़े का बड़ा रैकेट सामने आ सकता है ।