Sonbhadra News : हिण्डालको सी.एस.आर. द्वारा किसानों के लिए मछली पालन परियोजना का शुभारंभ
हिण्डालको द्वारा सी.एस.आर. के माध्यम से संस्थान के मुखिया एन. नागेश के नेतृत्व एवं सी.एस.आर. प्रमुख अविजित के मार्गदर्शन में मछली पालन परियोजना का कार्यान्वयन किया गया।

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4:50 PM, October 15, 2024
मनोज बर्मा (संवाददाता)
रेणुकूट (सोनभद्र) । कृषि के पश्चात् मछली पालन ग्रामीण परिवेश के लिए महत्वपूर्ण व्यवसायों में से एक है। गांव में यह व्यवसाय न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देता है साथ ही यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत लाभप्रद है। यदि मछली पालन सही तकनीक एवं प्रशिक्षण के साथ किया जाए तो यह बहुत लाभदायक व्यवसाय है।
गांव में उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिण्डालको द्वारा सी.एस.आर. के माध्यम से संस्थान के मुखिया एन. नागेश के नेतृत्व एवं सी.एस.आर. प्रमुख अविजित के मार्गदर्शन में मछली पालन परियोजना का कार्यान्वयन किया गया। इस परियोजना अंतर्गत दुद्धी ब्लाक के कुल 8 गाँव - कटौंधी, कटौली, झारोखुर्द, गुलालझरिया, करमदांड, दिघुल, बघाड़ु एवं निमियाडीह में किसानों का चयन करने उपरांत कुल 14 तालाबों में मछली पालन की शुरूआत की गई।
मछली पालन परियोजनांतर्गत सर्वप्रथम महिला एवं पुरूष किसानों को ग्राम कटौंधी में आयोजित मछली पालन प्रषिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के मछली पालन विशेषज्ञ धर्मेन्द्र के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के पश्चात् संभावित मछली पालकों के तालाबों को सर्वेक्षण किया गया ताकि उचित प्रजाति की मछलियों का पालन उक्त तालाब में हो सके। परियोजना अंतर्गत चयनित लाभार्थीयों को 4 से 5 लोगों का समुह बनाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि समूह में मछली पालन का व्यवसाय किया जा सके जिससे परियोजनांतर्गत 14 समुह में लगभग 60 परिवार लाभान्वित हो सकेंगे। इसके पश्चात् ग्राम कटौंधी में हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें चयनित सभी लाभार्थियों को तालाब के आकार के अनुसार मछली बीज प्रदान किया गया। व्यवसाय के प्रति मछली पालकों की जिम्मेदारी सुनिष्चित करने हेतु लाभार्थीयों द्वारा 25 प्रतिशत अंशदान मछली बीज हेतु दिया गया तथा 75 प्रतिशत अनुदान हिण्डाल्को सी.एस.आर. द्वारा प्रदान किया गया है। गौरतलब है कि कुल 14 तालाबों में से 3 तालाबों में महिला स्वयं सहायता समूह एवं शेष तालाबों में किसान क्लब के सदस्यों द्वारा मछली पालन किया जा रहा है।




