जिले भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। अग्निशमन व्यवस्था बदहाल है, उपकरण बेकार हैं। जनरल वार्ड से लेकर सर्जिकल वार्ड तक यहीं स्थिति है। ढूंढने पर यहां पानी तक नहीं मिलेगा। ऐसे में अगर यहां भी आग लगी तो भागम-भाग ही होगी। जिले में 62 निजी अस्पतालों की सूची अग्नि शमन विभाग के पास है। लेकिन, जयपुर हादसे ने एकबार फिर अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। अग्निशमन विभाग के आंकड़े के अनुसार, जिले के लगभग 39 निजी हॉस्पिटलों फायर विभाग की NOC ले बगैर संचालित हो रहे हैं लेकिन आग से बचाव और राहत की व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है। यदि जनपद सोनभद्र के निजी अस्पतालों में आग लगने जैसी घटना हुई, तो जयपुर हॉस्पिटल और झांसी मेडिकल कॉलेज जैसी घटना की पुनरावृत्ति होने से इंकार नहीं किया जा सकता।