उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि "योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसके तहत 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी दी जाएगी। वहीं 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये, 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 10 लाख रुपये तथा 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह अंशदान 5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।"