Sonbhadra News : निजी कम्पनियों के प्रोजेक्ट के विरोध में गोंगपा ने किया प्रदर्शन, बोले- किसी भी सूरत में विस्थापन नहीं करेंगे बर्दाश्त
आज जिले में निजी कम्पनियों द्वार लगाए जा रहे प्रोजेक्ट के विरोध में सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुँचे कैमूर पर्वत श्रृंखला में रहने वाले आदिवासियों ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले....

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते गोंगपा के कार्यकर्ता.....
sonbhadra
10:01 PM, January 5, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज जिले में निजी कम्पनियों द्वार लगाए जा रहे प्रोजेक्ट के विरोध में सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुँचे कैमूर पर्वत श्रृंखला में रहने वाले आदिवासियों ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, जनजाति मंत्रालय, पर्यावरण विभाग, वन विभाग और मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट को सौंपा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि "इन कंपनियों के कारण उनके गांवों को विस्थापित न किया जाए। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट लगने से गांव उजड़ जाएंगे, पशु-पक्षी और पेड़-पौधे काटे जाएंगे, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान होगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती है, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने अपनी वर्तमान जीवनशैली को बनाए रखने पर जोर दिया।"
गोंगंपा जिलाध्यक्ष रामनरेश पोया ने आरोप लगाया कि "सरकार विकास के नाम पर निजी कंपनियों के माध्यम से विनाश कर रही है। उनके अनुसार, इससे आदिवासी और जीव-जंतु विस्थापन के लिए मजबूर हो रहे हैं। करोड़ों की संख्या में पेड़ काटकर पशु-पक्षियों और अन्य जीवों का प्राकृतिक आवास छीना जा रहा है, जिससे पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पोया ने यह भी कहा कि सरकारें कॉर्पोरेट घरानों के हाथों प्राकृतिक संपदा बेच रही हैं और जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही हैं। नगवां और कोन ब्लॉक के ससनई और चकरिया सहित कई गांवों के मूल निवासियों ने 7 कंपनियों के प्रस्तावित प्रोजेक्टों का विरोध किया, जिससे बड़े पैमाने पर विस्थापन और पर्यावरणीय क्षति की आशंका है।"
प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा/जिला प्रवक्ता तिरूमाल संतोष कुमार ने कहा कि "सरकार कम्पनी के माध्यम से दलित आदिवासी, मूल निवासी, क्षेत्रवासियों का अमन चैन, छीन रहे है। साधन सुविधा व संवैधानिक अधिकार देने के बजाय विस्थापन के कगार पर खड़ा कर रहे है। संविधान प्रदत्त दलित आदिवासियों को स्वतत्रंता के 88 वर्षों बाद भी मौलिक अधिकार नहीं दे रहे है। सोनभद्र जिला अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाका होने के बावजूद संविधान की पांचवीं व छठी अनुसूची के अनुसार अनुसूचित क्षेत्र घोषित नहीं कर रहे है।"
वहीं विधान सभा अध्यक्ष दुद्धी सुखदेव सिंह पोया ने कहा कि "आदिवासियों को वनाधिकार के साथ पट्टा न देकर कम्पनियों से जंगल उजड़वाया जा रहा है। संवैधानिक अधिकार चुनाव लड़ने का अधिकार, वोट देने का अधिकार, सिर्फ अपने राजनीतिक लाभ के लिए दिये है इसमें जनजातियों का कोई भी भला नहीं हो रहा है। जनजातियों को जनपद सोनभद्र में जनसंख्या के आधार पर सीट का वितरण नहीं किया गया है जिसे आदिवासी समाज नाराज है और बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए बाध्य हो रहा है।"
इस मौके पर आर0के0 सिंह अरमो राष्ट्रीय प्रचार मंत्री, कैलाशनाथ प्रजापति प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा प्रकोष्ठ, श्यामबिहारी मरकाम युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष, विनोद सिंह खरवार युवा मोर्चा प्रदेश सचिव, शिव प्रसाद अर्मो जिला महामंत्री, अरविन्द मरपची जिला कार्यकारणी सदस्य, चन्द्रशेखर सहानी जिलाध्यक्ष पिछड़ा प्रकोष्ठ, अमर सिंह मरकाम जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा, मनोज सिंह मरकाम ग्राम प्रधान मड़कुड़ी/जिला महासचिव युवा मोर्चा, हीरालाल मरकाम विधानसभा विधानसभा अध्यक्ष रॉबर्ट्सगंज, अमर सिंह मरकाम विधानसभा अध्यक्ष घोरावल दयाशंकर सिंह कोरचो विधानसभा संयोजक दुद्धी, देवा सिंह उईके विधानसभा अध्यक्ष ओबरा, कमलेश पोया विधानसभा सचिव ओबरा, अवधेश कनौजिया अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष, दिनेशलाल यादव जिला संयोजन पिछड़ा प्रकोष्ठ, श्रीराम टेकाम विधानसभा संगठन मंत्री ओबरा, रामचरित्र नेताम जिला संगठन मंत्री, रामफ टेकाम जिला उपाध्यक्ष, इन्द्रावती देवी कोरचो महिला मोर्चा जिला संगठन मंत्री, प्रमिला अरमो जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा, रामसूरत ओइके विधानसभा संगठन मंत्री राबर्ट्सगंज, राम सिंह कमरो ब्लाकध्यक्ष बभनी, सत्याशाह मरकाम ब्लाकध्यक्ष बभनी युवा मोर्चा, पंकज कमरो ब्लाक अध्यक्ष नगवां युवा मोर्चा, अयोध्या टेकाम ब्लाक अध्यक्ष युवा मोर्चा चोपन, रामेश्वर उरैती विधानसभा संगठन मंत्री राबर्ट्सगंज, जय सिंह विधानसभा संगठन मंत्री ओबरा व आदिवासी, मूलनिवासी, जनजाति समुदाय के तमाम लोग उपस्थित रहे।




