Sonbhadra News : भगवान जीव के अवगुण नहीं उसके अंतर्मन के सत्कर्म और सद्गुण देखते हैं
कथावाचक पूज्य महाराज श्री ने इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की मनोहर बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्तगण भावविभोर हो उठे।

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6:24 PM, December 12, 2025
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र) । चोपन बैरियर स्थित सोन नदी के तट पर सोनेश्वर महादेव मंदिर के समीप आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथावाचक पूज्य महाराज श्री ने इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की मनोहर बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्तगण भावविभोर हो उठे।
महाराज श्री ने पूतना वध प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण दैत्य पूतना का वध अवश्य करते हैं, किन्तु जब गति प्रदान करने की बात आती है तो उसे मातृगति देते हैं। उन्होंने कहा— “भगवान जीव के अवगुण नहीं, उसके अंतर्मन के सत्कर्म और सद्गुण देखते हैं। पूतना ने शत्रु भाव से सही, परंतु मातृभाव से दुग्ध पान कराया था, इसलिए भगवान ने उसे भी उसी गति से नवाज़ा जो अपनी मैया यशोदा को देते हैं।”
आगे कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत को एक ही नख पर धारण करने की दिव्य लीला का विस्तृत वर्णन किया गया। सात वर्ष की अल्पायु में सात कोष लंबे-चौड़े गोवर्धन पर्वत को सात दिन और सात रात्रि तक धारण कर भगवान ने स्वयं को ‘गिरधारी’ कहलवाया। अंततः इंद्र ने अपने अहं का त्याग कर भगवान के चरणों में कृतज्ञतापूर्वक प्रणाम किया।
इस दौरान गोवर्धन पूजा के पावन प्रसंग में 56 प्रकार के व्यंजनों का भव्य भोग अर्पित किया गया, जिससे समूचा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्रद्धालु अगली कड़ी की कथा को सुनने के लिए उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस दौरान प्रदीप अग्रवाल, बाबूलाल केशरी, विकास चौबे, महेंद्र केशरी, पुनीत पाठक, पम्मी केशरी सहित भारी संख्या में कथाप्रेमी मौजूद रहे |



