Sonbhadra News : भगवान भाव के भूखे हैं- संत सच्चिदानंद जी महाराज
सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन सिद्धपीठ विंध्याचल धाम से पधारे हुए सन्त श्री सच्चिदानंद जी महाराज कथा के माध्यम से महाराज की कथा सुनाए आत्मा और परमात्मा के मिलन को ही महारास कहते है ।

आरती करते श्रद्धालु
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6:42 PM, December 13, 2024
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र) । सोन नदी के पावन तट पर स्थित सोनेश्वर महादेव मंदिर के समीप चल रहे संगीतमय सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन सिद्धपीठ विंध्याचल धाम से पधारे हुए सन्त श्री सच्चिदानंद जी महाराज कथा के माध्यम से महाराज की कथा सुनाए आत्मा और परमात्मा के मिलन को ही महारास कहते है । महारास की कथा श्रवण करने से जीव चौरासी लाख योनियों से मुक्त हो जाता है उद्धव की कथा सुनाते हुआ महाराज जी ने कहा उद्धव जी के जीवन में ज्ञान था वैराग्य था पर भक्ति नहीं थी गोपियों से मिलने के लिए भगवान इसीलिए भेजते है कि उद्धव की जीवन में भक्ति आ जाए जब गोपियों से मिले है तो जीवन में भक्ति आ गई . बिना भक्ति के जीवन व्यर्थ है जिस प्रकार से एक स्त्री मातृत्व तब तक पूरा नहीं होता जब तक वह मां नहीं बन जाती उसी प्रकार से जब तक जीव के जीवन में भक्ति नहीं आती तब तक जीवन पूर्ण नहीं माना जाता ।भगवान श्री द्वारिकादिश भगवान श्री कृष्ण का विवाह रुक्मणि जी के साथ सम्पन्न होता है भगवान के विवाह के कथा सुनाए। इस मौके पर मुख्य यजमान बाबुलाल केशरी, मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह, जुगैल जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि संजीव तिवारी, लोकपति त्रिपाठी, कन्हैया लाल केशरी, महेंद्र केशरी,उदीत केशरी, पम्मी केशरी, विकास चौबे, अमित सिंह बढ़कू, विकास सिंह छोटकू सहित भारी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहे|




