Sonbhadra News : भ्रामक सूचना देना पड़ा भारी, डीएम ने अधिशासी अभियंता पिपरी का रोका वेतन, शिक्षा व्यवस्था पर दिखाई सख्ती
जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित जिला शिक्षा...

कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम चर्चित गोंड.....
sonbhadra
6:11 PM, June 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में विद्यालयों में संचालित योजनाओं और आधारभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान गलत और भ्रामक सूचना देने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पिपरी के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश देकर अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया।
बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता -
बैठक में जिलाधिकारी ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में अभी भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, उन्हें शीघ्र संतृप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, रैंप, यूरिनल और अन्य आवश्यक सुविधाएं खराब या अनुपलब्ध हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भ्रामक सूचना पर डीएम का कड़ा एक्शन -
बैठक के दौरान विद्यालयों में विद्युतीकरण कार्यों की समीक्षा करते समय अधिशासी अभियंता पिपरी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही दूरभाष के माध्यम से सत्यापन कराया। जांच में दी गई जानकारी गलत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता पिपरी के वेतन भुगतान पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही अधीक्षण अभियंता विद्युत को चेतावनी जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि समीक्षा बैठकों में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। भविष्य में यदि किसी अधिकारी द्वारा गलत सूचना देकर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों में स्वच्छता और गुणवत्ता पर विशेष जोर -
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण, फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता तथा गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने विद्यालय खुलने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
ये रहे मौजूद -
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला पंचायत राज अधिकारी नामित शरण, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




