सीएमओ डॉ0 पंकज कुमार राय ने बताया कि "एम-आर टीकाकरण के माध्यम से न केवल बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है, बल्कि समाज को भी इन रोगों से मुक्त बनाया जा सकता है। अभियान के दायरे में जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान, स्कूल और मदरसे आएंगे। यहां 5 से 10 वर्ष की आयु के 2.10 लाख बच्चों को कवर किया जाएगा। प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन 100 से 125 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है, इसके लिए 310 टीमें बनाई गई है। टीकाकरण टीमें स्कूल पहुंचने से एक दिन पहले ही सूचना देंगी। किसी भी बच्चे को खाली पेट टीका नहीं लगाया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील या लंच कराने के बाद ही वैक्सीन दी जाए। उन्होंने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि जिले को खसरा-रूबेला मुक्त बनाया जा सके। बता दें कि खसरा में तेज बुखार, खांसी और बहती नाक, आंखें लाल होना, चेहरे व शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।"