मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ0 अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि "इसके तहत गिर, साहीवाल व थारपारकर स्वदेशी उन्नत नस्ल की 10 गायों की इकाई स्थापित की जायेगी, परियोजना की प्रति इकाई कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये होगी। जिले में कुल चार इकाईयाँ स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत साहीवाल, गिर एवं थारपारकर नस्ल की गायों का प्रति गाय मूल्य एक लाख रुपये के आधार पर आगणित है। इस योजना के तहत, 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई शुरू करने के लिए गो पालकों को अधिकतम ग्यारह लाख अस्सी हजार रुपये का अनुदान दो चरणों में दिया जाएगा। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत पशुपालकों के लिए लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत, बैंक ऋण 35 प्रतिशत तथा इकाई लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। चयनित लाभार्थी द्वारा मिश्रित रूप से गायों का क्रय किया जा सकता है। परियोजनान्तर्गत निर्धारित नस्ल से पृथक किसी अन्य नस्ल की गाय को सम्मिलित किए जाने की व्यवस्था नहीं है। यदि किसी परियोजना में निर्धारित नस्ल से पृथक किसी अन्य नस्ल की गाय को सम्मिलित किया जाता है तो ऐसी परियोजना को संतृप्त नहीं माना जायेगा तथा अनुदान अनुमन्य नहीं होगा। पूर्व में संचालित कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत संचालित नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-सवर्धन योजना के लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होंगे।"