Sonbhadra News : रिहंद बांध के पांच गेट खुले, छोड़ गया 72,960 क्यूसेक पानी
लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच जिले में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। रिहंद बांध के पांच गेट..

ऊपर रिहंद बांध का खुले फाटक से निकलता पानी, नीचे कनहर नदी का निरीक्षण करते एसडीएम दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता......
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6:52 PM, September 2, 2026
आनन्द कुमार चौबे/रमेश यादव (संवाददाता)
सोनभद्र । लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच जिले में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। रिहंद बांध के पांच गेट 16-16 फीट खोल दिए गए हैं और इनके जरिए करीब 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं टरबाइन से लगभग 17,960 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। इस तरह बांध से कुल करीब 72,960 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
रिहंद बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद बीती रात करीब 10:30 बजे गेट नंबर पांच और नौ भी खोल दिए गए। इससे बांध के खुले गेटों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। गेट नंबर 5, 6, 7, 8 और 9 को करीब 16-16 फीट खोला गया है। लगातार बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
रात में भी ग्रामीणों को किया जा रहा अलर्ट -
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को सतर्क किया जा रहा है। रात के समय भी साउंड सिस्टम और माइक के जरिए गांवों में मुनादी कराकर लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन की सूचना के अनुसार नेवारी और निगाही गांव बारिश से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के गिरने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।
कनहर नदी में नाव लगाने पर पूरी तरह रोक -
उधर, दुद्धी तहसील क्षेत्र में कनहर नदी के बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने ग्राम भिसुर में मछली पकड़ने के लिए नदी में नाव लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सुरक्षा के दृष्टिगत एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने कनहर नदी का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
स्थानीय चौकी प्रभारी को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी में अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
लापरवाही न करें, नदी से बनाकर रखें दूरी - डीएम
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि "मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट और लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में लोग नदी, नाले, घाट और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के पास न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों से दूर रखें और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।"
डीएम ने बताया कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। प्रभावित लोगों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ते जलस्तर के बीच सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव -
डीएम चर्चित गोंड ने बताया कि "लगातार बारिश, बांध से पानी का बढ़ता डिस्चार्ज और नदियों में तेज जलप्रवाह ने प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ा दी है। ऐसे में नदी किनारे जाना, तेज बहाव को पार करने की कोशिश करना या मछली पकड़ने के लिए पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। अधिकारियों की सख्ती का मकसद किसी भी संभावित हादसे को टालना है। फिलहाल प्रशासन की नजर जलस्तर और संवेदनशील इलाकों पर टिकी है, जबकि ग्रामीणों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग चेतावनी को महज सूचना न समझें, बल्कि उसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा से जोड़कर गंभीरता से लें।"




