Sonbhadra News : जिले में स्थापित हुआ पहला सोया मिल्क प्लांट, डीएम ने फीता काटकर किया उद्घाटन
जिले में आजीविका समूह की महिलाओं द्वारा संचालित पहला सोया मिल्क प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे वे सोया दूध, दही और पनीर जैसे उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी और आय अर्जित करेंगी। यह पहल महिलाओं को स्

सोया मिल्क प्लांट का उद्घाटन करते डीएम बी0एन0सिंह.....
sonebhadra
9:40 PM, January 9, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में आजीविका समूह की महिलाओं द्वारा संचालित पहला सोया मिल्क प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे वे सोया दूध, दही और पनीर जैसे उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी और आय अर्जित करेंगी। यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत की गई है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। आज विकास खंड करमा के केकराही में सोया मिल्क प्लांट का जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने फीता काट कर किया, जिसका संकल्प प्रेरणा महिला संकुल स्तरीय संघ द्वारा सोया मिल्क प्लांट का संचालन किया जाएगा।
इस दौरान डीसी NRLM सरिता सिंह ने बताया कि "सोया मिल्क प्लांट पर 10 से ज्यादा महिलाएं सोया मिल्क, सोया पनीर (टोफू) सोया दही, सोया खोवा, सोया बड़ी आदि के उत्पादन का कार्य किया जाएगा। जिससे उन्हें प्रतिदिन 1000 से 2000 हजार रुपए की आमदनी होगी। सोया पनीर की मांग अधिक होने से महिलाओं को ऑर्डर भी मिल रहा है जिसकी आपूर्ति कर समूह की महिलाएं लाभ कमा रही हैं। सोया पनीर (टोफू) प्रोटीन, कैल्शियम और कई खनिजों से भरपूर होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। मांसपेशियों के विकास में मदद करता है, वजन घटाने और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है। दूध से एलर्जी (लैक्टोज इनटॉलेरेंस) वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो कैंसर के जोखिम को कम करने और मधुमेह प्रबंधन में भी सहायक हो सकता है।"
समूह सदस्य सविता एवं रागिनी ने बताया कि "हम लोगों के लिए यह नया कार्य था लेकिन प्रशिक्षण के बाद हम लोगों ने इस कार्य को शुरू किया और आजीविका मिशन के द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान की गई। तीन लाख रूपये की लागत से यह मशीन हमारे समूह के द्वारा लगाया गया है जिससे प्रतिदिन हम लोगों को ₹1000 से ₹2000 की आमदनी हो रही है।"
इस दौरान डीडीओ, डीपीआरओ नमिता शरण, बीडीओ सहित समूह की महिलाएं उपस्थित रही।



