रामगढ़ निवासी नरेंद्र कुमार द्वारा न्यायालय में प्रक्रिर्ण वाद दाखिल कर बताया कि वह गोंड जाति का युवक है। गत 15 जुलाई को वह और उसका का नाबालिग पुत्र अर्जुन दोपहर से ही अपने रिश्तेदार बिन्दू देवी पत्नी अरविन्द निवासी ग्राम- हिनौता, मड़िहान, थाना- मड़िहान, जनपद- मिर्जापुर के ऑपरेशन हेतु पंचशील मल्टी स्पेशलिटी हस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, चुर्क मोड, पंचशील नगर, छपका, थाना- रावर्ट्सगंज, जनपद- सोनमद में मौजूद थे कि समय लगभग सायं काल 5 बजे मरीज बिन्दू देवी की ऑपरेशन थियेटर में ही उक्त हस्पिटल के डाक्टरों के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी, जिसे जानबूझकर डाक्टर छिपा रहे थे। वह तथा अर्जुन ऑपरेशन थियेटर का दरवाजा खोलवाकर सच्चाई जानना चाह रहे थे, तभी डॉ0 अनुपमा मौर्या, डॉ0 सौरभ सिंह, प्रबंधक पवित कुमार मौर्या व तीन-चार अन्य हस्पिटल के कर्मचारियों ने जबरदस्ती उसके पुत्र अर्जुन को पकड़ कर अन्दर ले गये और धारदार हथियार से उसकी हत्या करने की नियत से उसके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। अर्जुन ने अपनी जान बचाने के लिए उक्त हमले वाले धारदार हथियार की चोट अपने हाथ पर रोक लिया, जिसके पश्चात भी डॉ0 अनुपमा मौर्या, डॉ0 सौरभ सिंह व पवित कुमार मौर्या ने प्रार्थी के पुत्र को धारदार हथियार से मार कर उसे गम्भीर एवं प्राण घातक चोटें पहुंचाया और उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए भद्दी-भद्दी गालियां भी दिया। अर्जुन के चोटों का दवा-इलाज सरकारी अस्पताल लोढ़ी में चल रहा है, जिससे उसकी जान बची। उन्होंने घटना की सूचना थाना रावर्ट्सगंज में दिया था, परन्तु पुलिस के लोगों ने उनकी प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत नहीं किया। जिसके पश्चात उन्होंने एक अगस्त को पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र प्रेषित किया, परन्तु उनके स्तर से भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। प्रस्तावित अभियुक्तगण ने जानबूझ कर उसके पुत्र के साथ गम्भीर संज्ञेय अपराध कारित किया है, जिसके समस्त साक्ष्य वगैरह पुलिस के अधिकारियों द्वारा ही वैज्ञानिक तरीके से संकलित किये जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में प्रस्तावित अभियुक्तगण के विरूद्ध प्रार्थी की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर मामले की विवेचना कराया जाना न्याय हित में आवश्यक है।