Sonbhadra News : महिला स्वास्थ्यकर्मियों से दुर्व्यवहार व छेड़छाड़ के मामले में पांच दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई FIR, महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
यूपी सरकार भले ही महिला सुरक्षा को लेकर बड़ी बड़ी बातें करती हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोशो दूर है। महिला सुरक्षा के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। छेड़खानी, दुष्कर्म जैसी घटनाएं आए दिन सामने आ रही है...

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sonbhadra
11:37 PM, January 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
० पीड़िताओं का आरोप मेडिकल कॉलेज आवासीय परिसर में महिलाएं नहीं हैं सुरक्षित
० 1090 पर शिकायत के बाद भी अब तक नहीं हुई कोई कार्यवाही
० सपा ने महिला सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
सोनभद्र । यूपी सरकार भले ही महिला सुरक्षा को लेकर बड़ी बड़ी बातें करती हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोशो दूर है। महिला सुरक्षा के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। छेड़खानी, दुष्कर्म जैसी घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं। ऐसे गंभीर मामलों में भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं होती है।
ताज़ा मामला जनपद सोनभद्र के मेडिकल कॉलेज आवासीय परिसर का है, जहाँ निवासरत सीटी स्कैन की दो महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार व छेड़छाड़ मामले में पांच दिन बीतने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई।
पीड़िताओं के अनुसार, बीते 10 जनवरी की रात करीब 9 बजे के वो अपने आवासीय कमरे में विश्राम कर रही थीं। इसी दौरान कुछ युवक गाली-गलौज करते हुए दरवाजा पीटने लगे। जब दरवाजा खोला गया तो सामने तीन युवक नशे की हालत में मौजूद थे, जिन्होंने स्वयं को अस्पताल प्रशासन से जुड़ा बताते हुए वहाँ रहने वाले कागजात की मांग शुरू कर दी।
वहीं महिलाओं का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में उनके वरिष्ठ अधिकारी से सुबह बात करने की बात कही, तो युवक उग्र हो गए और जबरन कमरे में घुस आए। इसके बाद न केवल उनके साथ मारपीट की गई, बल्कि शारीरिक छेड़छाड़ का भी प्रयास किया गया। शोरगुल मचाने पर तीनों युवक देख लेने की धमकी देते वहाँ से भाग गए। घटना के बाद पीड़िताओं ने तत्काल 1090 महिला हेल्पलाइन पर संपर्क किया और अपने विभागीय अधिकारियों को भी पूरे मामले की जानकारी दी। वहीं कुछ समय के बाद वहीं लडके मेडिकल कॉलेज की एक महिला कर्मचारी अंकिता सिंह वहाँ पहुंचे और उन्होंने डायल 112 के पुलिसकर्मियों से सामने ही उनके साथ बत्तमीजी शुरू कर दी। वहीं पीड़ित महिला कर्मचारियों का कहना है कि इस घटना के बाद वे मानसिक रूप से आहत हैं और स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि लगभग 5 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं दिख रही और न इस मामले में कोई मामला दर्ज किया है।
वहीं गुरुवार को सपा नेता प्रमोद यादव ने मेडिकल कालेज से जुड़े इस मामले को उठाते हुए कहा कि योगी सरकार में महिला सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला सामने है, कि घटना के इतने दिन बाद भी पीड़िताओं को अब तक न्याय के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।



