Sonbhadra news: नहर की खुदाई में मानक की अनदेखी से किसानों में आक्रोश
सिंचाई के लिए निर्माणाधीन बहुचर्चित एलपीबीसी नहर की खुदाई निर्धारित लेबल से खुदाई ना करके अपने सुविधानुसार खोदने का आरोप

sonbhadra
6:10 PM, May 28, 2026
पी.के. विश्वकर्मा (संवाददाता)
* एलपीबीसी नहर की खुदाई निर्धारित लेबल के अनुसार हो - ब्लाक प्रमुख
कोन (सोनभद्र) । सिंचाई के लिए निर्माणाधीन बहुचर्चित एलपीबीसी नहर की खुदाई निर्धारित लेबल से खुदाई ना करके अपने सुविधानुसार खोदने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के किसानों ने कहा कि संबंधित कार्यदाई संस्था द्वारा मनमानी तरह से नहर की लेबल लिया जा रहा है जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों किसान सिंचाई से वंचित रह जायेंगे, जिसे लेकर गुरुवार को दर्जनों किसान धीरज, नीरज, अनिल कुमार, संजय,अजय, अमरनाथ, सुशील जायसवाल, वेदप्रकाश ओझा, कमलेश समेत दर्जनों किसानों ने ब्लाक प्रमुख से मिलकर तत्काल समस्या का समाधान कराने को लेकर आवाज़ उठाया, ब्लाक प्रमुख रुबी मिश्रा ने बहुचर्चित निर्माणाधीन नहर समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसानों का अहित बर्दाश्त नहीं किया जायेगा,व खुदाई स्थल पर पहुंच निरीक्षक करते हुए कहीं कि नहर खुदाई में लेबल की अनदेखी की जा रही है,रोरवा से झरिया के बीच पांच से किमी नहर का लेबल अधिकतम ढाल डेढ से दो मीटर होनी चाहिए जबकि मौक़े पर बीना मिट्टी फिलिंग किये बगैर इतने दुरी में ही लगभग 16 मीटर का ढाल / गहरी नहर बनाया जा रहा है जिससे किसी किसानों को पानी नहीं मिल पायेगा, जिसे लेकर ब्लाक प्रमुख रुबी मिश्रा ने प्रमुख सचिव (सिंचाई जल संसाधन विभाग) उ प्र शासन को पत्र लिखकर जांच कर निर्धारित लेबल के अनुसार नहर खुदाई/ बनवाने की मांग किया है ताकि दशकों से नहर का आस लगाए किसानों को उक्त नहर का लाभ मिल सके। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं होने के कारण क्षेत्र मे सूखा पड़ा है।किसान दशकों से नहर परियोजना का आस देख रहे हैं कि नहर आयेगी तो क्षेत्र में खुशहाली आयेगी लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा नहर खुदाई में मनमानी से किसानों में मायूसी /आक्रोश देखा जा रहा है क्षेत्र के किसानों ने जांच कर मानक लेबल के अनुसार नहर खुदाई कराने की मांग किया है, ताकि सभी किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।अन्यथा की दशा में सड़क पर उतर प्रदर्शन करने की चेतावनी दिया है। यदि नहर तय मानक लेबल के अनुसार नहीं बना तो किसानों को पानी नहीं मिल पायेगा।
इस संबंध में अवर अभियंता विमलेश यादव ने बताया कि प्रति किलोमीटर नहर का ढाल 25-30 सेमी से बनने का प्रावधान है, जिंसके अनुसार बनाया जा रहा है।




