Sonbhadra News : विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसान-आदिवासियों ने भरी हुंकार, बोले- नहीं देंगे जमीन
विंध्य एक्सप्रेस-वे के प्रस्ताव को लेकर जिले में विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। चतरा ब्लाक में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुई बैठक में किसानों और आदिवासी परिवारों ने प्रस्तावित एक्सप्रेस.

विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध प्रदर्शन करते किसान.....
sonbhadra
7:16 PM, September 6, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । विंध्य एक्सप्रेस-वे के प्रस्ताव को लेकर जिले में विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। चतरा ब्लाक में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुई बैठक में किसानों और आदिवासी परिवारों ने प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध करते हुए दो टूक कहा कि उपजाऊ जमीन किसी कीमत पर नहीं दी जाएगी। बैठक में जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे और किसानों, अन्नदाता परिवारों तथा आदिवासी समाज के लोगों की समस्याएं सुनीं। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारें किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करती रही हैं, लेकिन अब किसानों की जमीन लेने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे से किसानों और आदिवासियों के हित प्रभावित होंगे।
संदीप मिश्र ने कहा कि "एक्सप्रेस-वे के नाम पर करीब 2019 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा पीएसपी के लिए विंध्य पर्वतमाला के जंगलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन की कीमत पर होने वाले किसी भी विकास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।"
पहले जनहित की सड़कें बनें, फिर एक्सप्रेस-वे की बात -
संदीप मिश्र ने सरकार से प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के एलाइमेंट पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार विकास की बात कर रही है तो पहले पटवध से पोखरिया मार्ग का निर्माण कराया जाए, जिसे क्षेत्र की जनहित की जरूरत बताया जा रहा है। साथ ही विंध्य पर्वतमाला में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी परिवारों को वनाधिकार कानून के तहत तत्काल पट्टा आवंटित करने की मांग उठाई।
बैठक में किसानों ने भी अपनी जमीन को लेकर अपना रुख भी सामने रखा। किसान चेतन ओझा ने कहा कि "जमीन उनके लिए मां के समान है और उसका सौदा करना उन्हें स्वीकार नहीं। धीरज पांडेय और प्रेमनाथ मौर्य ने भी कहा कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे। वहीं रामसूरत खरवार ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए वे पूरी ताकत से संघर्ष करेंगे।"
ये लोग बैठक में रहे मौजूद -
बैठक में शत्रुघ्न बिंद, आकाश चौहान, रवि शुक्ल, चेतन ओझा, विजय, अरविंद, शंकर, नागेंद्र लकड़ा, जितेंद्र लकड़ा, प्रमोद तिर्की, विजय पटेल, राकेश, राजेश, संजय बियार, दिनेश चेरो, अगद पटेल, रामसजीवन पटेल, दशरथ मौर्य समेत बड़ी संख्या में किसान और आदिवासी मौजूद रहे।




