Sonbhadra News : ₹17 हजार मानदेय और स्वास्थ्य बीमा की सौगात से खिल उठे चेहरे, जिले के 460 अनुदेशक सीधे लाभान्वित
जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में आज अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान और स्वाभिमान का ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला।

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8:03 PM, May 17, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र। जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में आज अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान और स्वाभिमान का ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के 24,517 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई ऐतिहासिक वृद्धि के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भव्य सम्मान समारोह और मानदेय वितरण शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासन के इस फैसले से जिले के 460 कार्यरत अनुदेशकों को सीधे तौर पर लाभ मिलना शुरू हो गया है। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में लाइव प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया। जैसे ही मानदेय वृद्धि की आधिकारिक घोषणा हुई, सभागार में मौजूद अनुदेशकों ने खुशी जाहिर करते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
अनुदेशकों की भूमिका पर हुई विशेष चर्चा -
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 या उससे अधिक छात्र संख्या होने पर अनुदेशक पद सृजित किए जाते हैं। खेल, कला, गृहशिल्प और कार्यानुभव जैसे विषयों में विशेषज्ञ ये अनुदेशक बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक समय प्रदेश में करीब 41 हजार अनुदेशक कार्यरत थे, लेकिन वर्तमान में उनकी संख्या घटकर 24,296 रह गई है। ऐसे में लंबे समय से इस संवर्ग के आर्थिक सुदृढ़ीकरण और सेवा सुरक्षा की मांग की जा रही थी।
17 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक बना आकर्षण का केंद्र -
समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों को मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण अप्रैल माह के बढ़े हुए मानदेय के रूप में 17,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक वितरण रहा। इस सम्मान को पाकर अनुदेशकों के चेहरे खुशी से खिल उठे और सभागार तालियों से गूंज उठा।
अनुदेशक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी - राज्यमंत्री
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विकास के साथ-साथ मानदेय कर्मियों के कल्याण के लिए लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुदेशक साथी विद्यालयों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं तथा समाज के अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने न केवल मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया है बल्कि सभी कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों को 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम - डीएम
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि बच्चे अपने शिक्षकों और अनुदेशकों के व्यवहार का अनुकरण करते हैं। इसलिए सभी शिक्षक बच्चों को मूल्य आधारित शिक्षा देने पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षण के दौरान बच्चों की रुचि, क्षमता और लर्निंग लेवल को ध्यान में रखकर पढ़ाई कराई जाए, ताकि हर बच्चे का समग्र और सकारात्मक विकास हो सके।
आपकी सीख राष्ट्र निर्माण में निभाएगी बड़ी भूमिका -भूपेश चौबे
सदर विधायक भूपेश चौबे ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अनुदेशकों को बधाई देते हुए कहा कि कृषि, खेल और कला जैसे क्षेत्रों में बच्चों की प्रतिभा निखारने की बड़ी जिम्मेदारी अनुदेशकों के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक कर अनुदेशक समाज और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों अनुदेशक परिवारों को आर्थिक मजबूती और सम्मान मिला है।
जब टोटो से कलेक्ट्रेट पहुंचे सदर विधायक -
कार्यक्रम में एक अलग और चर्चा का विषय तब देखने को मिला जब सदर विधायक भूपेश चौबे अपने समर्थकों के साथ निजी वाहन छोड़ टोटो से कलेक्ट्रेट पहुंचे। ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद उन्होंने रॉबर्ट्सगंज और चुर्क नगर क्षेत्र का भ्रमण टोटो और अन्य सार्वजनिक साधनों से करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के काफिले भी पहले की तुलना में छोटे नजर आए।
ये रहे मौजूद -
इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, घोरावल विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, शिक्षक संघ के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में अनुदेशक एवं विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।




