Sonbhadra News : हर घर नल योजना की खुली पोल, जल की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन
योगी सरकार में मंत्री संजीव गोंड के विधान सभा क्षेत्र में सरकार की महत्वपूर्ण योजना हर घर नल योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।

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7:54 PM, February 22, 2026
घनश्याम पांडे/विनीत शर्मा (संवाददाता)
० मामला योगी सरकार में मंत्री संजीव गोंड के विधानसभा क्षेत्र का
चोपन (सोनभद्र) । योगी सरकार में मंत्री संजीव गोंड के विधान सभा क्षेत्र में सरकार की महत्वपूर्ण योजना हर घर नल योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। सरकारी दावे भले ही कागजों पर कुछ हो मगर धरातल पर दावे की पोल तब खुल गयी जब चोपन ब्लाक के सिंदूरिया गांव के ग्रामीण हर घर नल योजना की मांग को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सोन नदी में बैठकर जल सत्याग्रह किया और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए ।
गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए हहाकार मचना शुरू हो गया है। शहरी व ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप तथा बोर पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक कई जगहों पर फरवरी महीने से ही टैंकर चलना शुरू हो गया है। ग्रामीण इलाकों में तो लोगों को अभी से दूर से ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। सरकारी दावे के मुताबिक लोगों को यह उम्मीद थी कि इस बार गर्मी में हर घर नल योजना के तहत हर घर को टोटी के माध्यम से शुद्ध जल मुहैया हो जाएगा । सरकारी अफसर भी इसी दावे को अक्सर ग्रामीणों के सामने दोहराते रहते थे । मगर जिस तरीके से फरवरी माह से ही पानी की किल्लत शुरू हो गई और ग्रामीणों में हाहाकार मचने लगा है इससे साफ है कि आने वाले दिनों में पानी की किल्लत और भी बढ़ेगी और प्रशासन के लिए इससे निजात पाना आसान नहीं होगा। जल संकट को लेकर चोपन ब्लॉक के सिंदुरिया ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने हर घर नल योजना की मांग को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया । बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सोन नदी में बैठकर जल सत्याग्रह किया और प्रशासनिक अधिकारियों पर लापरवाही व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए । ग्रामीणों का कहना है कि 2-3 साल पहले अधिकारी सर्वे कराकर पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खुदाई कर दी लेकिन आज तक गांव में नल की टोटी नहीं लग पाई । ग्रामीणों को आज भी मजबूरी में सोन नदी का दूषित पानी पीना पड़ रहा है । इससे जहाँ जल की पूर्ति नहीं हो पा रही है वहीं स्वास्थ्य संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि दूषित पानी पीने से बच्चे बीमार हो रहे हैं लेकिन कोई सुधि लेने वाला नहीं है। उन्होंने अधिकारियों पर केवल झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
वही ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व कर रहे सुरेंद्र यादव ने कहा कि अधिकारी सिर्फ शासन को झूठी रिपोर्ट भेजकर अपनी नौकरी बचा रहे हैं और वाहवाही लूट रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारी दिखाने के लिए हर घर नल योजना के तहत सर्वे कराकर खुदाई तथा पाइपलाइन तो बिछा दिया लेकिन वर्षों बाद आज तक गांव में पानी की आपूर्ति तो दूर नल की टोटी तक नहीं लग पाया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द हर घर नल योजना के तहत जल की आपूर्ति शुरू नहीं की गयी तो लखनऊ तक पैदल मार्च किया जायेगा।
हर घर नल योजना की शुरुआत सोनभद्र से इसलिए किया गया था कि यहां लोगों को दूषित जल संकट से निजात मिल सके, लेकिन जैसे-जैसे सरकार की डेड लाइन बढ़ती गयी वैसे-वैसे अधिकारियों की लापरवाही व शासन को फर्जी रिपोर्टिंग भी बढ़ती गयी। सिंदूरिया के ग्रामीणों द्वारा किया गया जल सत्याग्रह प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अगर शासन - प्रशासन अभी से नहीं चेते तो आगामी दिनों में ऐसे विरोध प्रदर्शन पूरे जनपद में देखने को मिल सकता है।



