Sonbhadra News : पेपर लीक भी नहीं तोड़ सका हौसला, री-नीट में सोनांचल के दो होनहारों ने मारी बाजी
पेपर लीक की वजह से दोबारा आयोजित हुई री-नीट यूजी-2026 परीक्षा ने लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा तो ली, लेकिन सोनभद्र के दो होनहार छात्रों ने विपरीत परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाकर सफलता का नया इतिहास...

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sonbhadra
8:28 PM, July 17, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• दोनों छात्र आपस में हैं चचेरे भाई, परिवार में खुशी का माहौल
सोनभद्र । पेपर लीक की वजह से दोबारा आयोजित हुई री-नीट यूजी-2026 परीक्षा ने लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा तो ली, लेकिन सोनभद्र के दो होनहार छात्रों ने विपरीत परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाकर सफलता का नया इतिहास रच दिया। जिले के आदर्श मौर्या ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3218 तथा उनके फुफेरे भाई अमन कुमार मौर्या ने AIR 13785 हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे सोनांचल का नाम रोशन किया है।
दोनों सफल छात्रों ने अपनी सफलता का सफर जनपद न्यूज Live से साझा करते हुए बताया कि री-नीट की घोषणा के बाद शुरुआती झटका जरूर लगा, लेकिन उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और दोगुने उत्साह के साथ तैयारी में जुट गए।
3218वीं रैंक हासिल करने वाले आदर्श मौर्या ने बताया कि "पेपर लीक की खबर से मनोबल जरूर प्रभावित हुआ, लेकिन उन्होंने जल्द ही अपनी पढ़ाई की दिनचर्या दोबारा शुरू कर दी। नियमित टेस्ट, लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास ने उन्हें दोबारा तैयारी की लय में ला दिया। उन्होंने कहा कि री-नीट ने उन्हें पहली परीक्षा की कमियों को सुधारने का अवसर दिया। उनका मानना है कि डिमोटिवेशन हर किसी के जीवन में आता है, लेकिन जो उससे बाहर निकलकर आगे बढ़ता है, सफलता उसी के कदम चूमती है। आदर्श ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता विद्या कुमारी मौर्या और प्रेम कुमार मौर्या, गुरुजनों के मार्गदर्शन तथा नियमित अध्ययन को दिया।"
बताते चलें कि आदर्श की मां विद्या कुमारी मौर्या भी स्वास्थ्य विभाग में बतौर एएनएम अपनी सेवाएँ दे रही हैं। ऐसे में बेटे की सफलता पर वह अत्यधिक उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके बेटे के मेहनत और बुजुर्गों के आशीर्वाद का परिणाम है।
वहीं अमन कुमार मौर्या ने बताया कि "री-नीट की घोषणा के बाद उन्होंने बिना समय गंवाए घर पर ही स्व-अध्ययन शुरू कर दिया। सोशल मीडिया और सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाकर उन्होंने पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा। लगातार दो वर्षों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 13785 हासिल की। अमन ने कहा कि पहली परीक्षा बहुत अच्छी हुई थी, इसलिए पेपर लीक की खबर से काफी दुख हुआ। हालांकि शिक्षकों और माता-पिता के सहयोग ने उन्हें टूटने नहीं दिया। उन्होंने दोबारा पूरे आत्मविश्वास और मेहनत के साथ तैयारी की और सफलता हासिल की।"
असफल अभ्यर्थियों के लिए अमन ने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि "किसी एक परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। मेहनत करते रहिए, अवसर बार-बार मिलते हैं और हार मानना कभी विकल्प नहीं होना चाहिए।"
बहरहाल कठिन परिस्थितियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, री-नीट यूजी-2026 के परिणाम ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास अडिग हो और मेहनत में निरंतरता बनी रहे तो सफलता निश्चित है। वहीं आदर्श और अमन की उपलब्धि आज हजारों नीट अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। दोनों छात्रों ने यह संदेश दिया है कि मुश्किलें मंजिल का रास्ता नहीं रोकतीं, बल्कि मजबूत इरादों को और बुलंद बना देती हैं।"
जनपद न्यूज Live दोनों छात्रों को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी करता है।




