Sonbhadra News : आर-पार की लड़ाई के मूड में रोजगार सेवक, बकाया मानदेय के लिए सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
पिछले 10 माह से मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे ग्रामीण विकास योजनाओं की रीढ़ माने जाने वाले रोजगार सेवकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर आज ग्राम रोजगार सेवक..........

विभिन्न मांगो को लेकर प्रदर्शन करते रोजगार सेवक.....
sonbhadra
4:14 PM, June 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• 10 माह से मानदेय नहीं मिलने से नाराज हैं रोजगार सेवक
• बोले - 15 दिनों में बकाया मानदेय सहित अन्य समस्याओं का नहीं हुआ समाधान तो विधानसभा का करेंगे घेराव
सोनभद्र । पिछले 10 माह से मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे ग्रामीण विकास योजनाओं की रीढ़ माने जाने वाले रोजगार सेवकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर आज ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले रोजगार सेवकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में जुटे रोजगार सेवकों ने कहा कि "मनरेगा सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें लगातार उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। 10 माह से मानदेय का भुगतान न होने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं उन्होंने मांग किया कि लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान कराया जाए, मानदेय के लिए पृथक बजट की व्यवस्था की जाए, एचआर पॉलिसी लागू की जाए तथा करीब दो दशक से कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।"
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय ने कहा कि "कई रोजगार सेवक आर्थिक अभाव के कारण कर्ज लेने को मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई, परिवार के खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। शासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ने कई बार शासन और प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यदि आगामी 15 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 1 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।"
प्रदर्शन में प्रदीप सिंह राणा, प्रशांत सिंह, वेद प्रकाश, मेराज अहमद, संतोष यादव, मिथिलेश, संजय कुमार, बाबूलाल, सतीश, गिरीशचंद्र, अशोक, भूपेंद्र कुमार यादव, सुनील कुमार सिंह, प्रदीप कुमार अग्रहरी, वितिला पटेल सहित बड़ी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।




