Sonbhadra News : पशु तस्करी के करोड़ों के काले कारोबार की ईडी करेगी पड़ताल, 20 बैंक खातों मांगा ब्योरा
बिहार से पश्चिम बंगाल तक फैले अंतरराज्यीय पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय तक पहुंच गई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी प्रयागराज....

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12:24 AM, July 28, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बिहार से पश्चिम बंगाल तक फैले अंतरराज्यीय पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय तक पहुंच गई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी प्रयागराज ने सोनभद्र पुलिस से इस मामले में गिरफ्तार पशु तस्करों के करीब 20 बैंक खातों का विस्तृत विवरण, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस की जांच में इन खातों के माध्यम से करीब 80 से 100 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई थी।
सूत्रों का दावा है कि सोनभद्र पुलिस द्वारा पशु तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, एक गिरोह बिहार से पश्चिम बंगाल तक पशुओं की खरीद, परिवहन और कथित रूप से स्लॉटर हाउसों तक आपूर्ति का काम करता था, जबकि दूसरा गिरोह बिहार से झारखंड रूट पर सक्रिय था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कई बैंक खातों की जांच की गई, जिनमें बड़े पैमाने पर धनराशि का लेनदेन सामने आया।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के पंडुआ थाना क्षेत्र के बलिहट्टा निवासी गिरफ्तार आरोपी राजा कुरैशी के बैंक खाते में भी करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं। इसी के बाद पूरे नेटवर्क के वित्तीय पहलू की गहन जांच शुरू हुई और मामला ईडी तक पहुंचा।
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, यूपीआई एवं अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों, संदिग्ध लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों का पूरा विवरण मांगा है। बताया जा रहा है कि संबंधित अभिलेख संकलित कर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
इस संबंध में जब पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा से संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मामले पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
नोट - यह खबर पुलिस और जांच एजेंसियों से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और ईडी अथवा अन्य एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।




