Sonbhadra News : बैंक हड़ताल से अर्थव्यवस्था चरमराई, करोड़ों का नुकसान, लोगों की बढ़ी परेशानी
देशव्यापी बैंक हड़ताल ने न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है बल्कि व्यापारी और आम लोगों को भी प्रभावित कर दिया है।

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2:19 PM, September 11, 2026
- एटीएम बन्द होने से लोग दिखे परेशान
- पांच दिन काम और सभी शनिवार छुट्टी की मांग पर अड़े बैंककर्मी
- पूरे जिले में बैंकिंग सेवा ठप
शांतनु कुमार/आनंद चौबे
सोनभद्र। देशव्यापी बैंक हड़ताल ने न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है बल्कि व्यापारी और आम लोगों को भी प्रभावित कर दिया है। लगातार तीन दिन बैक बन्द होने से अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है । लेकिन बैंक बन्दी से सबसे ज्यादा दिक्कत व्यापारियों और रोजमर्रा के खर्चे के लिए एटीएम का प्रयोग करने वाले ग्राहकों को हुआ।
शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देशव्यापी एक दिवसीय बैंक हड़ताल का असर सोनांचल में भी साफ दिखाई दिया। राबर्ट्सगंज नगर समेत जिले की तमाम बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंक हड़ताल में इंडियन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंक शाखाओं के ताले तक नहीं खुले। नतीजा यह रहा कि बैंक ग्राहकों को बैरंग लौटना पड़ा।
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के चलते जिले में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का दावा किया गया है। नकदी निकासी, जमा, चेक संबंधी काम, बैंक हस्तांतरण और अन्य शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित होने से आम ग्राहकों के साथ कारोबारी वर्ग को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पांच दिन काम, सभी शनिवार छुट्टी की मांग
बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि "बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन काम की व्यवस्था लागू की जाए और सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। यूनियनों का कहना है कि दूसरे और चौथे शनिवार को पहले से छुट्टी है, ऐसे में बाकी शनिवार को भी अवकाश घोषित कर कर्मचारियों को पांच दिन के कार्य सप्ताह का लाभ दिया जाना चाहिए। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की भी मांग की जा रही है।"
बैरंग लौटते दिखे ग्राहक
अचानक बैंक हड़ताल से कई लोगों को बैंक पहुँचने पर जानकारी हुई। कोई स्कूल टीचर छुट्टी लेकर बैंक आये थे लेकिन बैंक बन्द होने से वे नाराज भी दिखी। वहीं कई लोगों का कहना है कि अपनी सुविधा के लिए दूसरों को परेशानी में नहीं डालना चाहिए। ऐसे तमाम जरूरी काम होते हैं जो बैंक में आने पर ही होगा।
एटीएम तक बन्द
इस हड़ताल में एटीएम तक को बन्द रखा गया है। ऐसे में रोजमर्रा की जरूरतों के लिए एटीएम से निकासी करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एटीएम जैसी सुविधा बंद करने से सबसे ज्यादा दिक्कत इमरजेंसी सेवाओं को उठानी पड़ रही है। ऐसे तमाम लोग हैं जो अस्पताल के खर्चे अपनी सुविधानुसार एटीएम से निकालते हैं।
आज हड़ताल, आगे दो दिन और बंदी से बढ़ेगी मुश्किल
सबसे बड़ी परेशानी उन ग्राहकों के सामने है, जिन्हें बैंक से जुड़े जरूरी काम निपटाने थे। शुक्रवार की अचानक हुए हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को भी सामान्य बैंक अवकाश रहने के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रहेंगी।
प्रदर्शन के दौरान मुकेश कुमार, राजीव रंजन, संजीव चौबे, उज्ज्वल, सर्वेश सिंह, राजेश कुमार, अवधेश कुमार, राम सिंह, शिवपूजन, रमेश कुमार, मुकेश सिंह, नीतीश नायक, निरंजय सेठ, ओमप्रकाश, त्रिभुवन, राम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर अचानक बैंक हड़ताल ने व्यापारियों के साथ आम लोगों की चिंताएं बढ़ा दी है । यदि यह हड़ताल आगे जारी रहा तो देश की अर्थव्यवस्था के साथ आमजन पर बड़ा असर पड़ेगा।




