Sonbhadra News : जड़ी-बूटियों की बोरियों में छिपा था करोड़ों का नशा, 6 अंतर्रजनपदीय तस्कर गिरफ्तार
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 8..

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2:28 PM, June 22, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा, एक डीसीएम, एक सियाज कार, 8 मोबाइल फोन और नकदी सहित करीब 1 करोड़ 16 लाख रुपये की बरामदगी की है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के 6 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक गांजे की बड़ी खेप पहुंचाने वाले इस नेटवर्क की सूचना मुखबिर के माध्यम से एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को मिली थी। सूचना थी कि एक डीसीएम वाहन में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर लाया जा रहा है, जबकि एक अन्य कार तस्करों की सुरक्षा और पुलिस गतिविधियों की रेकी कर रही है।
बैजू बाबा मंदिर के पास बिछा जाल, तस्कर दबोचे गए -
आज पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि शनिवार और रविवार की रात थाना रॉबर्ट्सगंज की सुकृत चौकी पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने चहेलवा स्थित बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर डीसीएम और सियाज कार को रोक लिया। तलाशी के दौरान डीसीएम में लदी जड़ी-बूटियों की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया 08 कुंतल 684 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधीक्षक के अनुसार बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 80 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है, जबकि वाहन, मोबाइल और अन्य सामान को मिलाकर कुल बरामदगी का मूल्य 1 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक है।
पुलिस को चकमा देने के लिए बनाई थी हाईटेक रणनीति -
एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे लंबे समय से उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से गांजा खरीदकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई कर रहे थे। तस्करों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए गांजे को जड़ी-बूटियों की बोरियों के बीच छिपा रखा था और आवश्यकता पड़ने पर वैध माल के दस्तावेज दिखाने की तैयारी भी कर रखी थी। इतना ही नहीं, गिरोह ने पुलिस की चेकिंग और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक अलग सियाज कार लगा रखी थी, जो आगे-पीछे चलकर लगातार रेकी कर रही थी।
20 लाख में खरीदी, कई गुना मुनाफे में बेचने की थी तैयारी -
एसपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि बरामद गांजे की खेप उड़ीसा से लगभग 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी। इसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचाकर कई गुना कीमत पर बेचा जाना था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह का संपर्क उड़ीसा के एक सप्लायर "दादा" से था, जिससे व्हाट्सएप के जरिए बातचीत होती थी।
गिरोह के सरगनाओं पर पहले से दर्ज हैं गंभीर मुकदमे -
एसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार कुछ अभियुक्त पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और लूट जैसे गंभीर मामलों में आरोपी रह चुके हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक जांच में जुट गई है।
अब पूरे सिंडिकेट पर पुलिस की नजर -
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा का कहना है कि गिरफ्तार तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
गिरफ्तार/अनावरण करने वाली पुलिस टीम -
1. उ0नि0 पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, एएनटीएफ लखनऊ
2. हे0का0 दिनेश कुमार सिंह, एएनटीएफ लखनऊ
3. हे0का0 संगम पटेल, एएनटीएफ लखनऊ
4. हे0का0 खालिद खां, एएनटीएफ लखनऊ
5. हे0का0 राजेश कुमार यादव, एएनटीएफ लखनऊ
6. का0 राजन कुमार, एएनटीएफ लखनऊ
7. उ0नि0 मानवेन्द्र सिंह, चौकी प्रभारी सुकृत, थाना रॉबर्ट्सगंज
8. हे0का0 भरत यादव, थाना रॉबर्ट्सगंज
9. का0 राम प्रताप सिंह, थाना रॉबर्ट्सगंज
10. का0 सुनील कुमार, थाना रॉबर्ट्सगंज




