खनिज संपदा से समृद्ध और भौगोलिक दृष्टि से विशाल सोनभद्र जनपद लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों का सामना कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाल रहे नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगा, जिन पर समय-समय पर इलाज में लापरवाही, मनमानी वसूली, बिना मानकों के संचालन तथा मरीजों की जान से खिलवाड़ जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में जिले में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ऑपरेशन के बाद मरीजों की मौत, गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को छोड़कर डॉक्टरों के फरार होने तथा आवश्यक संसाधनों के बिना अस्पताल संचालन की शिकायतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों वो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम जैसे मुद्दे भी नए सीएमओ की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।