Sonbhadra News : डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा बने जिले के नए मुख्य चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की होगी बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग से इस समय एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत सोनभद्र जनपद को नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मिल गया है.......

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sonbhadra
3:47 PM, May 31, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• सोनभद्र समेत 21 से अधिक जिलों के बदले गए सीएमओ
• दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना होगी सबसे बड़ी प्राथमिकता
• यमदूत बने निजी हॉस्पिटलों पर लगाम लगाना होगी चुनौती
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग से इस समय एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत सोनभद्र जनपद को नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मिल गया है। शासन द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा को सोनभद्र का नया मुख्य चिकित्साधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके पूर्व यह वरिष्ठ परामर्शदाता चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं, महानिदेशक लखनऊ में सेवाएं दे रहे थे। इनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है और आमजन बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की अपेक्षा कर रहे हैं।
डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा अब जिले की समस्त स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा राज्य सरकार की विभिन्न जनस्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे। उनके सामने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने की बड़ी चुनौती होगी।
21 से अधिक जिलों के सीएमओ बदले -
शासन स्तर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से 21 से अधिक जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों का स्थानांतरण कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
यमदूत बने निजी हॉस्पिटलों पर लगाम लगाना होगी नवागत सीएमओ के लिए सबसे बड़ी चुनौती -
खनिज संपदा से समृद्ध और भौगोलिक दृष्टि से विशाल सोनभद्र जनपद लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों का सामना कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाल रहे नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगा, जिन पर समय-समय पर इलाज में लापरवाही, मनमानी वसूली, बिना मानकों के संचालन तथा मरीजों की जान से खिलवाड़ जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में जिले में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ऑपरेशन के बाद मरीजों की मौत, गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को छोड़कर डॉक्टरों के फरार होने तथा आवश्यक संसाधनों के बिना अस्पताल संचालन की शिकायतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों वो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम जैसे मुद्दे भी नए सीएमओ की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।




