Sonbhadra News : सोनाँचल में बर्फ़ीली हवाओं और कोहरे का डबल अटैक जारी, न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक लुढ़का
जनपद में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से दोपहर तक आसमान में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हो सके। ठंडी हवाओं के साथ दिन भर गलन....

कोहरे में लाइट जलाकर आता वाहन.......
sonbhadra
10:31 PM, January 8, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से दोपहर तक आसमान में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हो सके। ठंडी हवाओं के साथ दिन भर गलन बनी रही और लोग हाड़ कंपाने वाली सर्दी से जूझते नजर आए। न्यूनतम तापमान लुढ़ककर चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम 19.1 डिग्री दर्ज किया गया।
लाइट जलाकर रेंगते नजर आये वाहन -
सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं हाईवे पर भी कोहरे के कारण चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बस सेवाएं प्रभावित रहीं और कई यात्री बसें देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी भी ठंड और कोहरे से जूझते रहे।
दैनिक मजदूरों पर दिखा शीतलहर का सबसे अधिक असर-
शीतलहर का सबसे ज्यादा असर मजदूरों और दैनिक मेहनतकशों पर देखने को मिला। खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुबह और शाम का समय बेहद कठिन हो गया है। निर्माण कार्य, ईंट भट्ठों और खेतों में काम करने वाले मजदूर सीमित साधनों के बीच काम करने को मजबूर हैं। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे सर्दी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन तेज ठंडी हवाओं के आगे राहत नाकाफी रही।
अलाव के सहारे ठंड से राहत की कोशिश करते रहे लोग -
ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम अधिक जोखिम भरा है। वहीं मौसम विभाग से जुड़े राजन सिंह ने बताया कि अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। इससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। यदि हवाएं तेज रहीं तो गलन और बढ़ेगी।
सतर्कता ही ठण्ड से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय - CMO
वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय ने बताया कि "शीतलहर से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना, सिर और कान ढककर रखना तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है। शीतलहर और कोहरे के इस प्रकोप ने आमजन के साथ सबसे ज्यादा गरीब और मेहनतकश तबके को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होने के संकेत हैं, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।"




