सोनभद्र । अरे जनाब, यह देश के अति पिछड़े जिलों में शामिल सोनभद्र है......यहां कागज पर तो स्वास्थ्य व्यवस्था चकाचक दिखती है, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही हकीकत सामने आ जाती है। कहीं डॉक्टर साहब हैं ही नहीं, कहीं डॉक्टर हैं तो नए तैनाती स्थल पर जाने को तैयार नहीं और कहीं तबादला आदेश निकलने के बाद भी पुराने ठिकाने से रवानगी नहीं हो रही। अब इसे क्या कहेंगे, सरकारी आदेश की अनदेखी या फिर विभागीय व्यवस्था की मजबूरी? हालात यह हैं कि जिले में पहले से डॉक्टरों की कमी के बीच 15 चिकित्सकों के स्थानांतरण का आदेश भी करीब एक महीने बाद तक पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर सका है और इसका खामियाजा दूर-दराज से इलाज की आस लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।