Sonbhadra News : 'नहीं चाहिए चकबंदी', ग्रामीणों ने खुली बैठक में रखी मांग
ग्रामीणों के विरोध के बावजूद चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर प्रशासन सदर तहसील अंतर्गत मझिगांव में चकबंदी कराने पर आमादा है, इससे कास्तकारों में नाराजगी है। वहीं आज खुली बैठक में आये अधिकारियों क़ो.....

चकबंदी की खुली बैठक में शामिल अधिकारी व ग्रामीण
sonbhadra
8:43 PM, December 20, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ग्रामीणों के विरोध के बावजूद चकबंदी आयुक्त के निर्देश पर प्रशासन सदर तहसील अंतर्गत मझिगांव में चकबंदी कराने पर आमादा है, इससे कास्तकारों में नाराजगी है। वहीं आज खुली बैठक में आये अधिकारियों क़ो कास्तकारों और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा जिसके बाद एसडीएम के आश्वासन के बाद कास्तकार शांत हुए और अधिकारियों के साथ बैठक सम्पन्न किया।
आज मझिगांव के पंचायत भवन पर चकबंदी क़ो लेकर खुली बैठक का आयोजन किया गया था जहाँ एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल, सेक्रेटरी दलबल के साथ पंचायत भवन पर आयोजित खुली बैठक में पहुँचे। इस दौरान अधिकारियों क़ो कास्तकारों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान कास्तकारों ने अधिकारियों का घेराव कर अपनी समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने कुछ अतिपय लोगों पर अन्य ग्रामीणों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर चकबंदी कराने का आरोप लगाया हालांकि एसडीएम ने पुरे प्रकरण से उच्चधिकारियों क़ो अवगत कराने की बात कही जिसके बाद कहीं जाकर खुली बैठक संपन्न हो पायी।
ग्रामीणों चंदन विश्वकर्मा, धीरज मिश्रा, लव चौबे, रविंद्र कुमार मिश्रा, सुरेश कुमार मिश्रा, अनुपम मिश्रा, अनुपम मिश्रा, जयंत कुमार मिश्रा, रामाज्ञा मिश्रा आदि ने बताया कि "हमारे गांव में चकबंदी की कोई जरूरत नहीं है। इससे पहले भी जो भी चकबंदी हुई थी। चाहे शमशान घाट हो या संस्कृति मंच हो या फिर खेलकूद का मैदान हो। वह आम जनमानस के उपयोग में नहीं आ पाया। गांव के कुछ अराजक तत्व द्वारा कब्जा कर लिया गया। लिहाजा पहले ग्राम समाज की जमीनों को छुड़ाया जाए फिर चकबंदी की प्रक्रिया अपनाई जाए। चकबंदी में किसानों और कास्तकारों को नुकसान को देखते हुए आज चकबंदी का विरोध किया गया।"




