उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं हेतु शासन से धनराशि आवंटित हो सकती है, उन योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु जिला खनिज फाउण्डेशन निधि से धनराशि आवंटित न की जाये, बल्कि जिला खनिज फाउण्डेशन निधि के माध्यम से जनपद के अन्य विकास कार्य को कराया जाये। डी0एम0एफ0 फण्ड की धनराशि विकास की आवश्यकता व निर्धारित गाईड लाईन मानक के अनुरूप ही सम्बन्धित कार्य हेतु आवंटित की जाये, जिन विभागों को जिला खनिज फाउण्डेशन निधि से धनराशि दी जाये, उन विभाग से इस बात की एन0ओ0सी0 प्राप्त कर ली जाये कि उनके द्वारा इस कार्य हेतु कहीं और से फण्ड प्राप्त नहीं किया गया है, उन्होंने कहा कि डी0एम0एफ0 निधि से खर्च होने वाले धनराशि की आडिट करायी जाये और उस आडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाये, आडिट रिपोर्ट में यदि किसी प्रकार की आपत्ति मिलती है, तो उसमें सुधार किया जाये, डी0एम0एफ0 फण्ड से होने वाले निर्माण कार्यों में ओवर स्टीमेट की स्थिति न होने पाये, स्टीमेट का नियमानुसार सत्यापन किया जाये। डी0एम0एफ0 फण्ड से होने वाले कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाये, इसमें किसी स्तर पर शिथिलता न बरती जाये।