Sonbhadra News : स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, प्रस्ताव न देने वाले एमओआईसी का रुकेगा वेतन
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति (शासन निकाय) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़...

जिला स्वास्थ्य समिति (शासन निकाय) की बैठक करते डीएम चर्चित गोंड.....
sonbhadra
6:49 PM, June 29, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति (शासन निकाय) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी भवन मरम्मत, जांच उपकरण, चिकित्सा संसाधन अथवा अन्य सुविधाओं की आवश्यकता है, उसका विस्तृत प्रस्ताव 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समय में प्रस्ताव न देने या किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित एमओआईसी के वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता -
बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक संसाधनों, आधुनिक जांच सुविधाओं और मजबूत आधारभूत ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत किए जाएं ताकि कार्यों को शीघ्र स्वीकृति देकर धरातल पर उतारा जा सके।
हर प्रसव की होगी ट्रैकिंग, निजी अस्पतालों पर भी रहेगी नजर -
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज एवं नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में होने वाले प्रत्येक प्रसव की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्रसव सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों या घरों में हुआ है। सभी आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा उनकी अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किए जाएं और इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
घरों में होने वाले प्रसव पर भी रहेगी पैनी निगाह -
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घरों में होने वाले प्रत्येक प्रसव का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाए। सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर एजेंसी के खिलाफ होगी कार्रवाई -
बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की साफ-सफाई को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी को तत्काल सूचना देकर जिम्मेदार कर्मियों को हटाने की कार्रवाई की जाए। अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण मरीजों के बेहतर उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मातृ-शिशु मृत्यु की हर माह होगी ऑडिट -
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु की ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। साथ ही आईसीडीएस विभाग को निर्देशित किया गया कि कुपोषित (सैम) बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग से साझा करते हुए उनका समुचित उपचार सुनिश्चित कराया जाए तथा ई-कवच पोर्टल पर सभी विवरण समय से अपलोड किए जाएं। आरबीएसके टीम को भी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




