Sonbhadra News : आरटीई बच्चों के प्रवेश में लापरवाही पर डीएम सख्त, तीन दिन में शत-प्रतिशत नामांकन का दिया अल्टीमेटम
निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) के तहत अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के निजी विद्यालयों में प्रवेश को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा.........

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sonbhadra
6:38 PM, May 19, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• डीएम ने आरटीई के तहत प्रवेश नहीं लेने पर 13 बच्चों के अभिभावकों से सीधे की बात
• आरटीई बच्चों से अतिरिक्त शुल्क वसूली पर डीएम ने जताई नाराजगी
• 'गरीब बच्चों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी संबंधित विद्यालय के विरुद्ध सख्त कार्यवाही', निजी स्कूलों को डीएम की चेतावनी
सोनभद्र । निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) के तहत अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के निजी विद्यालयों में प्रवेश को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गैर सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आरटीई एक्ट के तहत चयनित बच्चों के प्रवेश में किसी प्रकार की शिथिलता या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विकास खंडों में आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश की स्थिति की समीक्षा की। चतरा विकास खंड में 92 चयनित बच्चों में से 79 का प्रवेश होने और 13 बच्चों के प्रवेश न लेने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने सीधे अभिभावकों से मोबाइल फोन पर बातचीत की। इस दौरान अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा अधिक परिवहन शुल्क लिए जाने की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि आरटीई के तहत चयनित बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक या सामाजिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।
इसी प्रकार रॉबर्ट्सगंज विकास खंड में 665 चयनित बच्चों में से 566 के प्रवेश होने तथा 99 बच्चों के प्रवेश लंबित रहने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी चयनित बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन तीन दिन के भीतर सुनिश्चित कराया जाए तथा इसकी पोर्टल पर फीडिंग भी समय से पूर्ण की जाए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि आरटीई एक्ट गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में निजी विद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे इन बच्चों को समान अवसर और सम्मान दें। यदि किसी विद्यालय से असमानता या भेदभाव की शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया कि नव प्रवेशित एवं पूर्व से अध्ययनरत बच्चों के लिए यूनिफॉर्म और पाठ्य पुस्तकों हेतु सहायता राशि तथा विद्यालयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए बजट प्राप्त हो चुका है। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देशित किया कि सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होते ही एक सप्ताह के भीतर सहायता राशि संबंधितों तक पहुंचाई जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय, वित्त एवं लेखाधिकारी अजय यादव, जिला आरटीई इंचार्ज विवेक कुमार तिवारी सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।




