Sonbhadra News : आईजीआरएस शिकायतों पर डीएम सख्त, बोले- तहसील और ब्लॉक स्तर पर ही हो समस्याओं का समाधान
जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल....

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6:33 PM, June 18, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई करेंगे अधिकारी, फरियादियों को नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
• लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में सुस्ती पर जताई नाराजगी, अभियान में तेजी लाने के निर्देश
सोनभद्र । जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए।
जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत IGRS पोर्टल पर होगी दर्ज -
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तहसील मुख्यालय पर बैठकर जनसुनवाई करें तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराया जाए, ताकि उसकी नियमित निगरानी हो सके और शिकायतकर्ता को न्याय मिल सके।
ब्लॉक और तहसील स्तर पर हो समस्याओं का समाधान -
बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि तहसील की समस्या तहसील स्तर पर और ब्लॉक की समस्या ब्लॉक स्तर पर ही निस्तारित होनी चाहिए। यदि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान होगा तो लोगों को जिला मुख्यालय और अन्य कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि ब्लॉक मुख्यालय पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका त्वरित निस्तारण करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रशासन की प्राथमिकता आमजन को उनके घर के नजदीक ही न्याय और समाधान उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
राजस्व वादों की समीक्षा में दिखी सुस्ती, डीएम ने जताई नाराजगी -
बैठक में 17 जून से 23 जून तक चलाए जा रहे विशेष राजस्व निस्तारण अभियान की भी समीक्षा की गई। अभियान के तहत कुर्रा बंटवारा, नामांतरण, पैमाइश, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना और स्वामित्व/घरौनी योजना से जुड़े मामलों की प्रगति पर चर्चा हुई।
समीक्षा में सामने आया कि कुल 1076 लंबित राजस्व वादों के सापेक्ष अब तक मात्र 170 मामलों का निस्तारण किया गया है। इस धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और अभियान के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।
फरियादी को न्याय मिले, यही प्रशासन की प्राथमिकता -
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।




