Sonbhadra News : आईजीआरएस में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन, लेखपाल निलंबित, कई अधिकारियों का रोका वेतन
जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण.....

IGRS मामलों की समीक्षा करते डीएम चर्चित गोंड.....
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6:24 PM, June 3, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी तथा राजस्व मामलों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अधिकारियों और कर्मचारियों का जून माह का वेतन रोक दिया गया है। डीएम की इस कार्यवाही के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि तहसील रॉबर्ट्सगंज के राजस्व निरीक्षक क्षेत्र रायपुर अंतर्गत सुरसत खुर्द में तैनात लेखपाल मदन मोहन यादव द्वारा आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती गई है। इसके अलावा अंश निर्धारण संबंधी मामलों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज ने लेखपाल को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
वहीं प्रशासनिक समीक्षा में अन्य विभागों की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं पाई गई। तहसीलदार सदर, ओबरा, घोरावल एवं दुद्धी के साथ क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में असंतोषजनक प्रदर्शन और खराब फीडबैक मिलने पर अधीक्षण अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत पिपरी, क्षेत्रीय वनाधिकारी वन प्रभाग सोनभद्र (एसडीओ), अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत डाला, क्षेत्रीय वनाधिकारी वन प्रभाग ओबरा सहित कई लेखपालों, खंड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज, थानाध्यक्ष बभनी तथा अधिशासी अभियंता मीरजापुर नहर प्रखंड का जून माह का वेतन रोक दिया गया है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि "जन शिकायतों के निस्तारण, राजस्व मामलों और न्यायालयीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े मामलों में उदासीनता दिखाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।"




