Sonbhadra News : स्कूलों की समस्याओं पर डीएम का 'एक्शन प्लान', बिजली विहीन विद्यालय प्राथमिकता पर होंगे रोशन
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद....

जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक करते डीएम चर्चित गोंड...
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7:24 PM, August 24, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं और निर्माणाधीन विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। डीएम ने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों की समस्याएं लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। विभागीय समन्वय से समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने कहा कि किसी विद्यालय में सुविधा की कमी अथवा कोई अन्य समस्या सामने आती है तो शिक्षक उसे अपने स्तर तक सीमित न रखें। समस्या की तत्काल जानकारी संबंधित उच्चाधिकारी को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई हो सके। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों से नियमित संवाद बनाए रखें और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति, समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी लेकर उनका प्रभावी समाधान कराएं।
स्कूलों तक पहुंच का रास्ता भी हो सुगम -
डीएम चर्चित गोंड ने कहा कि बच्चों और शिक्षकों के सुरक्षित आवागमन के लिए विद्यालयों तक बेहतर पहुंच मार्ग बेहद जरूरी है। जिन विद्यालयों तक पहुंचने में मार्ग संबंधी परेशानी है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम पहुंच भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डीएमएफ के कामों की खुलेगी 'पोल', होगा स्थलीय सत्यापन -
बैठक में डीएम ने डीएमएफ फंड से विद्यालयों में कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराया जाए और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य सिर्फ कागजों पर पूरा दिखाना पर्याप्त नहीं है। जमीन पर काम की गुणवत्ता और उपयोगिता दिखाई देनी चाहिए। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे कराए जाएं और निर्माण सामग्री व कार्य की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाए।
बिजली से वंचित स्कूल के प्राथमिकता में होगा विद्युतीकरण -
विद्यालयों के विद्युतीकरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विद्यालयों में अभी तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंची है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाए। संबंधित विभाग आवश्यक कार्यवाही पूरी कर ऐसे विद्यालयों में जल्द विद्युत सुविधा उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल, शौचालय, पहुंच मार्ग समेत सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं विद्यालयों में उपलब्ध होना जरूरी है। सुविधाओं के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी लगातार निगरानी रखें।
ब्लॉक से जनपद तक मजबूत हो समन्वय -
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विद्यालय, ब्लॉक, तहसील और जनपद स्तर पर प्रभावी समन्वय जरूरी है। विद्यालय स्तर से आने वाली शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। संबंधित अधिकारी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका व्यावहारिक और स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की समस्याओं की नियमित निगरानी, समयबद्ध कार्यवाही और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।




