जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने कहा कि "राजस्व से जुड़े मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है। जीएनएसएस रोवर तकनीक से खेतों, चकमार्गों और राजस्व अभिलेखों की सटीक पैमाइश होगी, जिससे सीमांकन संबंधी विवाद कम होंगे और किसानों को पारदर्शी तरीके से न्याय मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 15 अगस्त, 2026 तक पूरे जनपद में संचालित किया जाएगा। प्रत्येक तहसील में गठित रोवर टीम प्रतिदिन पांच गांवों में पहुंचकर पैमाइश करेगी। अभियान के दौरान सभी कार्यों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी तथा दैनिक प्रगति का नियमित अभिलेखीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।"