Sonbhadra News : परिषदीय स्कूलों में लापरवाही पर डीएम सख्त, हर सप्ताह पहुंचेगी अफसरों की टीम, खामी पर नपेंगे जिम्मेदार
परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं की अनदेखी और शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही अब जिम्मेदारों को भारी पड़ेगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि स्कूलों...

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5:42 PM, August 19, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं की अनदेखी और शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही अब जिम्मेदारों को भारी पड़ेगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों की जमीनी हकीकत परखने के लिए अब अधिकारियों की टीम हर सप्ताह स्कूलों का निरीक्षण करेगी। खामी मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जाएगी।
डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय को निर्देश दिया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के साथ पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, बिजली और फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति दुरुस्त रखी जाए। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी का खामियाजा बच्चों की पढ़ाई को नहीं भुगतना पड़ेगा।
मिड-डे मील में गड़बड़ी मिली तो सीधे होगी कार्यवाही -
मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता, मात्रा या वितरण में लापरवाही मिली तो संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। यानी बच्चों के भोजन में लापरवाही करने वालों पर अब विभागीय कार्रवाई की गाज गिरना तय है।
हर सप्ताह स्कूलों में पहुंचेगी अफसरों की टीम -
डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साप्ताहिक निरीक्षण के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी पंचायत और खंड शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम सिर्फ कागजी निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्कूल पहुंचकर पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों को मिल रही सुविधाओं, मिड-डे मील, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति परखेगी।
खामी मिली तो शिक्षक ही नहीं, अफसर भी होंगे जिम्मेदार -
डीएम ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में अनियमितता या लापरवाही मिलने पर केवल संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराकर मामला खत्म नहीं किया जाएगा। प्रधानाध्यापक, शिक्षक और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि निरीक्षण और अनुश्रवण में भी शिथिलता मिली तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
माध्यमिक स्कूलों से कॉलेज तक कसी जाएगी निगरानी -
बैठक में माध्यमिक विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, आईटीआई और डिग्री कॉलेजों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों और प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण के जरिए व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करना होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद -
बैठक में सीडीओ जागृति अवस्थी, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, डीआईओएस जयराम सिंह, जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा के प्राचार्य प्रमोद कुमार सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




