Sonbhadra News : डीएम व एसपी ने स्कूली बच्चों क़ो एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाकर किया अभियान का शुभारंभ
आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर रॉबर्ट्सगंज स्थित सेंट जेवियर्स विद्यालय पर डीएम, एसपी और सीएमओ ने 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों क़ो एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाकर अभियान का शुभारम्भ किया।

सोनभद्र
4:29 PM, August 10, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर रॉबर्ट्सगंज स्थित सेंट जेवियर्स विद्यालय पर जिलाधिकारी बी0एन0सिंह, एसपी डॉ0 यशवीर सिंह और सीएमओ डॉ0 अश्वनी कुमार ने 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों क़ो एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाकर अभियान का शुभारम्भ किया।
इस दौरान जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने कहा कि "यह अभियान न केवल अपने जनपद में बल्कि पुरे देश में मनाया जा रहा है, हम सबको यह दवा न केवल खुद खाना चाहिये बल्कि अपने घर एवं पास पड़ोस के बच्चों को भी इसे खाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।"
वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार ने बताया कि "इस कार्यक्रम के तहत आज के दिन जनपद के कुल 2445 स्कूलों और 2079 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 साल तक के पंजीकृत एवं स्कूल न जाने वाले लगभग 1044055 बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य है। वहीं, अनुपस्थिति या बीमारी के कारण जिन बच्चों को आज दवाई नहीं खिलाई जा सकेगी, उन्हें 14 अगस्त को मॉप अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। कृमि से संक्रमित बच्चों में प्रायः बार-बार उल्टी यामिचली होना, जीभ का रंग सफेद होना, पेटदर्द, दस्त, थकान, वजन घटना, पेट में सूजन इत्यादि लक्षण दिखाई देते है। कृमि मुक्ति से स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, एनीमिया नियंत्रण रहता है, बच्चों में सीखने की क्षमता में सुधार होता है। बच्चे अक्सर जमीन में गिरी चीज उठाकर खा लेते हैं, कई बार वह नंगे पैर ही संक्रमित स्थानों पर चले जाते हैं, इससे उनके पेट में कीड़े (कृमि) विकसित हो जाते हैं, इससे बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है, वह एनीमिया से ग्रसित हो जाता है, एल्बेंडाजोल की गोली खाने से यह कीड़े मर कर पेट से बाहर निकल जाते हैं, इससे शरीर में आयरन की पोषक क्षमता बढ़ जाती है और शरीर में एनीमिया यानि खून की कमी दूर होती है। अंत में उन्होंने जनपदवासियों को सन्देश देते हुए कहा कि पेट के कृमि से छुटकारा पाने के लिए हम सभी को हर 6 माह में एल्बेंडाजोल की गोली अवश्य खानी चाहिए।"
एसीएमओ डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि "बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए कृमि नाशक दवा जरूरी है। एल्बेंडाजोल एक कृमि (पेट के कीड़े) नाशक दवा है, जिसे लेने से बच्चों के पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं। एक से दो वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर पानी में घोल कर दी जा सकती है, जबकि दो वर्ष से तीन वर्ष तक के बच्चों को एक गोली पीसकर दे सकते हैं। वहीं तीन वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोर-किशोरियों को यह टेबलेट चबाकर खानी है।"
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकत्साधिकारी डॉ0 आर0जी0 यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल डॉ0 कीर्ति आज़ाद बिन्द, शहरी स्वास्थ्य समन्वयक राकेश कन्नौजिया, जिला समन्वयक (एनडीडी) मनोज कुमार, जिला समन्वयक, आई0पी0ई0 ग्लोबल संजीत सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, सौरभ सिंह सहित स्कूल प्रबन्धक टीम उपस्थित रहे।




