वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार ने बताया कि "इस कार्यक्रम के तहत आज के दिन जनपद के कुल 2445 स्कूलों और 2079 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 साल तक के पंजीकृत एवं स्कूल न जाने वाले लगभग 1044055 बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य है। वहीं, अनुपस्थिति या बीमारी के कारण जिन बच्चों को आज दवाई नहीं खिलाई जा सकेगी, उन्हें 14 अगस्त को मॉप अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। कृमि से संक्रमित बच्चों में प्रायः बार-बार उल्टी यामिचली होना, जीभ का रंग सफेद होना, पेटदर्द, दस्त, थकान, वजन घटना, पेट में सूजन इत्यादि लक्षण दिखाई देते है। कृमि मुक्ति से स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, एनीमिया नियंत्रण रहता है, बच्चों में सीखने की क्षमता में सुधार होता है। बच्चे अक्सर जमीन में गिरी चीज उठाकर खा लेते हैं, कई बार वह नंगे पैर ही संक्रमित स्थानों पर चले जाते हैं, इससे उनके पेट में कीड़े (कृमि) विकसित हो जाते हैं, इससे बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है, वह एनीमिया से ग्रसित हो जाता है, एल्बेंडाजोल की गोली खाने से यह कीड़े मर कर पेट से बाहर निकल जाते हैं, इससे शरीर में आयरन की पोषक क्षमता बढ़ जाती है और शरीर में एनीमिया यानि खून की कमी दूर होती है। अंत में उन्होंने जनपदवासियों को सन्देश देते हुए कहा कि पेट के कृमि से छुटकारा पाने के लिए हम सभी को हर 6 माह में एल्बेंडाजोल की गोली अवश्य खानी चाहिए।"