Sonbhadra News : सिंदुरिया में चल रहे रामलीला में धनुष यज्ञ का हुआ मंचन
विकास खंड चोपन के ग्राम पंचायत सिंदुरिया गांव में चल रहे परंपरागत रामलीला में छठे दिन धनुष यज्ञ की लीला मंचन की गई । लीला में धनुष यज्ञ वेदिका अद्भुत तरीके से सजाई गई थी ।

धनुष यज्ञ के लिए उपस्थित राजा-महाराजा
sonbhadra
11:08 PM, December 18, 2024
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र) । विकास खंड चोपन के ग्राम पंचायत सिंदुरिया गांव में चल रहे परंपरागत रामलीला में छठे दिन धनुष यज्ञ की लीला मंचन की गई । लीला में धनुष यज्ञ वेदिका अद्भुत तरीके से सजाई गई थी । देश देश के राजा महाराजा स्वयंवर में भाग लेने के लिए पधारे थे । जिसमें कुछ साधु राजा थे कुछ दुष्ट राजा थे । साधु राजा तो स्वयंवर में स्वयंवर की छटा भगवान का दर्शन करने पधारे थे किंतु दुष्ट राजा उस अहंकार के साथ पधारे थे कि धनुष को भंग करके सीता से विवाह करूंगा । इस संदर्भ में साधु राजाओं एवं दुष्ट राजाओं के मध्य वाक युद्ध भी हुआ स्वयंवर में रावण बाणासुर का संवाद दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा बंदी जनों ने जब स्वयंवर की घोषणा की तथा आवाहन किया कि महाराज का आदेश है जो धनुष को तोड़ेगा उसी के गले में सीता जय माल डालेंगी यह सुनते ही सभी दुष्ट राजाओं के अंदर उत्साह जगा और भुजाएं फेरते हुए धनुष की ओर बढ़े किंतु धनुष को उठाना तो दूर रहा हिला भी ना सके उसके बाद सभी राजाओं ने मिलकर धनुष को उठाने का असफल प्रयत्न किया लेकिन धनुष हिल तक नहीं । यह सब दृश्य देखकर महाराज मिथिला नरेश जनक जी भावुक होकर पूरे सभा को कह दिया कि लगता है मेरा प्रण पूर्ण नहीं होगा पृथ्वी वीरों से विहीन है ऐसा प्रण करके मैंने बहुत बड़ी भूल की है उनका इतना कहना श्री रामचंद्र जी के अनुज लखन लाल को पसंद नहीं आया रोष में आकर उन्होंने कह दिया कि जिस सभा में रघुवंशी वीर हो उसे सभा में ऐसी वाणी बर्दाश्त नहीं होगी इस धनुष की क्या बिसात है पूरा ब्रह्मांड उठा सकता हूं किंतु मर्यादा में हूं मर्यादा में रहते हुए महाराज जी को यह बताना चाहता हूं इस धनुष को कंदूक के समान सही करो कोस लेकर दौड़ूंगा फिर महर्षि विश्वामित्र ने भगवान श्री राम को निर्देश दिया कि धनुष भंग करके महाराज जनक के प्रण को पूर्ण करो तत्पश्चात भगवान ने धनुष भंग किया और सीता ने गले में जय माल डाल दिया लीला के दौरान धनुष भंग के पश्चात जय माल के पश्चात परशुराम का आना और लक्ष्मण से उनका गरमा गरम संवाद श्रद्धालुओं के लिए रोमांचित करने वाला रहा |मौके पर समिति अध्यक्ष सुरेश पाण्डेय, व्यास जी मुरली तिवारी ,रामगोपाल तिवारी, नरसिंह तिवारी ,विद्या शंकर पाण्डेय, श्रीराम पाण्डेय,राम जानकी पाण्डेय, रामनारायण पाण्डेय, अवधेश नारायण पाण्डेय, प्रभु नारायण पाण्डेय, प्रेम शंकर पाण्डेय, विजय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार पाण्डेय, वीरेंद्र कुमार पाण्डेय, महावीर प्रसाद पाण्डेय, आशीष पांडे,राधा रमन पाण्डेय, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विशाल पाण्डेय, राम गोविंद चौबे, अशोक कुमार पाण्डेय सहित लीला प्रेमी मौजूद रहे|




