Sonbhadra News : पहली ही मानसूनी बारिश में तैरता नजर आया करोड़ों का 'विकास', तालाब बनी नगर की सड़कें
मानसून की पहली तेज बारिश ने रॉबर्ट्सगंज नगर पालिका और करोड़ों रुपये की लागत से नालों का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था सीएनडीएस विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। कुछ घंटों की बारिश में ही...

बारिश के जलजमाव से गुजरते वाहन.......
sonbhadra
1:20 PM, July 19, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । शनिवार को हुई मानसून की पहली तेज बारिश ने रॉबर्ट्सगंज नगर पालिका और करोड़ों रुपये की लागत से नालों का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था सीएनडीएस विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। कुछ घंटों की बारिश में ही शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। बाजार, गलियां और मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये नालों और जल निकासी व्यवस्था पर खर्च किए गए, तो शहर हर साल बारिश में डूब क्यों जाता है?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बारिश से पहले जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नगर पालिका, सीएनडीएस और संबंधित विभागों को नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, पहली ही तेज बारिश में पूरा सिस्टम धराशायी होता नजर आया। इससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि या तो अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया, या फिर कागजों पर तैयारी दिखाकर खानापूर्ति कर दी गई।
शहर के कई इलाकों में नालियां उफनती रहीं, सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि स्कूल, दफ्तर और अस्पताल जाने वाले लोग घंटों जाम और जलभराव में फंसे रहे। बारिश ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई, जल निकासी सुधार और विशेष अभियान चलाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश उन सभी दावों की हकीकत सामने ला देती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है।




