Sonbhadra news : शासन के निर्देश के बावजूद 52 दिन से लंबित जांच, तहसील दिवस में डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश जारी होने के 52 दिन बाद भी शिकायत की जांच रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई है।

sonbhadra
6:14 PM, July 6, 2026
घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
ओबरा (सोनभद्र)। तहसील दिवस में समाजसेवी राकेश केशरी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश जारी होने के 52 दिन बाद भी शिकायत की जांच रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई है। उन्होंने मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए समयबद्ध जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रेषित करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि शासन के नगर विकास अनुभाग-1 द्वारा 15 मई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी सोनभद्र को शिकायत की जांच कर स्पष्ट संस्तुति सहित तथ्यात्मक रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद रिपोर्ट अब तक शासन को उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे शिकायत का निस्तारण लंबित है।
ज्ञापन में ओबरा नगर क्षेत्र की कई जनसमस्याओं का भी उल्लेख किया गया। सेक्टर-9 से खैरटिया मार्ग तक नई स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने के बाद उनके बंद होने से रात में मार्ग अंधेरे में रहने की बात कही गई। स्थानीय लोगों के अनुसार इस रास्ते से छात्राएं, महिलाएं और अन्य नागरिक नियमित आवागमन करते हैं तथा अंधेरे के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने की शिकायत भी सामने आई है।
इसके अलावा बग्घा नाला से शारदा मंदिर तक स्थापित स्ट्रीट लाइटों के खराब पड़े रहने, वाराणसी–शक्तिनगर मुख्य मार्ग की जर्जर सड़क, ओवरब्रिज तथा चोपन पुल पर बंद स्ट्रीट लाइटों की समस्या भी उठाई गई।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि शासन के निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, लंबित जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, खराब स्ट्रीट लाइटों और जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।




