Sonbhadra news : खदान को लेकर आदिवासियों और कांग्रेस का प्रदर्शन, कार्रवाई न होने पर चक्का जाम की चेतावनी
ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया गांव में संचालित डीएस माइनिंग खदान के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया।

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8:50 PM, June 23, 2026
घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
ओबरा (सोनभद्र)। ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया गांव में संचालित डीएस माइनिंग खदान के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर खदान संचालन पर रोक लगाने और मामले की जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान में होने वाली लगातार ब्लास्टिंग से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि विस्फोटों के कारण मकानों में दरारें पड़ रही हैं तथा ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि खदान से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से प्रशासन के संज्ञान में लाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय सबसे अधिक प्रभावित है और कांग्रेस उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष (ओबीसी विभाग) सेत राम केसरी ने भी खदान संचालन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आबादी वाले क्षेत्र के निकट खनन गतिविधियां संचालित होने से लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन और भारी वाहनों के आवागमन से ग्रामीणों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, खदान संचालन की समीक्षा की जाए तथा प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो चोपन पुल हाईवे पर चक्का जाम कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद रहे।




