जब तहसीलदार जांच के नाम पर ग्राम तिरनाही अंबेडकर स्थल पर पहुंचे और अतिक्रमण को देखा भी लेकिन खुले तौर पर जाति आधार पर ग्राम प्रधान का पक्ष लेते हुए अपने पदेन कर्तव्य का दुरुपयोग कर ग्राम प्रधान की अवैध कार्य का समर्थन कर एक कदम आगे बढ़कर अंबेडकर के नाम की भूमि का विरोध करते हुए अंबेडकर समिति और वहां मौजूद भूमि के सुरक्षा करने वालों को जेल भेजने की धमकी देते हुए अंबेडकर की भूमि पर स्वयं खड़ा होकर सड़क बनाने का दावा करते हुए ग्राम प्रधान से प्रस्ताव मांग कर गांव में शांति और अमन चैन बिगाड़ने का काम कर गुट बंदी पैदा किया है । जबकि वहां पास में मौजूद अ.न. 87 चकरोड की खतौनी की भूमि है और अ.न. 41 नवीन परती की भूमि मौजूद है उसमें आवागमन भी है, उस पर मरम्मत और खड़ंजा का कार्य न करा कर अंबेडकर की भूमि में विवाद खड़ा किया जा रहा है वहां मौजूद लेखपाल और अन्य कर्मचारियों के साथ गांव तथा अंबेडकर समिति के लोग मौजूद रहे। सबके मौजूदगी में तहसीलदार ने धमकी देकर दहशत पैदा कर भयभीत किया है । ऐसी स्थिति में तहसीलदार और अन्य संबंधित कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण करते हुए कुछ उच्च स्तरीय जांच कराते हुए अंबेडकर पार्क की सम्पूर्ण भूमि को चिन्हित कर सुरक्षा किए जाने का आदेश दिया जाए । जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में 24 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किया चुका है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित अंबेडकर मूर्ति की सुरक्षा और स्थल की बाउंड्री वॉल का निर्देश है। इस परिप्रेक्ष्य में तिरनाही गांव के अंबेडकर पार्क को बचाने और उसके सुरक्षा जरूरी है, अगर ऐसा नहीं होता है तो पांच दिन बाद बड़े पैमाने पर सर्वदलीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा । इस दौरान प्रमुख रूप से भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के. शर्मा, माकपा जिला सचिव कामरेड नन्दलाल आर्य, माले जिला कमेटी के कामरेड बाबूलाल, आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रवि कांत सहित रमेश कुमार यादव, प्रेमनाथ , पुरुषोत्तम , नागेंद्र कुमार,नोहर भारती,श्याम कुमार, कमली देवी , गुलाब, विजय पटेल व जोखू आदि पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।