Sonbhadra News : शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹25.03 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, चार शातिर ठग गिरफ्तार
शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस गिरोह ने जनपद सोनभद्र में तैनात चार पुलिसकर्मियों समेत.....

sonbhadra
7:26 PM, July 1, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस गिरोह ने जनपद सोनभद्र में तैनात चार पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे ₹25.03 लाख की ठगी कर ली। पुलिस ने मामले का सफल अनावरण करते हुए चार शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और घटना में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के दिशा-निर्देशन और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना एवं स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।
8 से 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच, फिर लाखों की ठगी -
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि "देवरिया निवासी एवं वर्तमान में चोपन क्षेत्र में रह रहे दीपक कुमार वर्मा को आरोपियों ने Botbro, Crossmarket और MineCrypto नामक ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित लाभ का झांसा देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में ₹10.70 लाख जमा करा लिए। बाद में न तो रकम वापस मिली और न ही वादा किया गया लाभ। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।"
जांच में सामने आया बड़ा खुलासा -
तकनीकी जांच और बैंकिंग लेन-देन के विश्लेषण के दौरान पुलिस को पता चला कि यही गिरोह जनपद सोनभद्र में तैनात चार पुलिसकर्मियों को भी इसी तरह शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देकर कुल ₹25.03 लाख की साइबर ठगी का शिकार बना चुका है। इसके बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराएं भी बढ़ाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।
लखनऊ में दबिश, चार आरोपी गिरफ्तार -
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने स्वाट टीम के साथ समन्वय स्थापित कर लखनऊ में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देते थे। निवेशकों से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट लेते थे।
मोबाइल, लैपटॉप और कार बरामद -
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक चार पहिया वाहन (UP51 BS7866) बरामद किया है। पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
एसपी की अपील, लालच में न आएं, सतर्क रहें -
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने अपील करते हुए कहा कि "साइबर अपराधियों के खिलाफ जनपद पुलिस का अभियान लगातार जारी है। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देने वालों से सावधान रहें। बिना सत्यापन किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा निवेश न करें। साइबर ठगी की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल कार्रवाई कर रही है। इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी गई शेष धनराशि की बरामदगी के लिए भी प्रभावी कार्रवाई जारी है।उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम साइबर थाना/पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराएं।"




