रमेश यादव (संवाददाता )
दुद्धी, सोनभद्र।दुद्धी क्षेत्र में यूरिया खाद आने के बाद किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। क्षेत्र के डिसीएफ सहित अन्य लैम्पसों पर किसान सुबह से ही खाद के लिए लाइन लग गए थे और गुरुवार को दिनभर खाद के लिए किसानों को जदो-जहद करते देखा गया। डिसीएफ खाद बिक्री केंद्र खजुरी में दिनभर किसानों की भीड़ लगी रही जो देर शाम तक चलता रहा, जिन किसानों को एक -दो बोरी खाद मिली वो तो खाद लेकर गए लेकिन कई किसानों को बरसात होने के कारण खाद वितरण नही हो पायी जिसके कारण मायूस भी लौटना पड़ा। किसानों का कहना हैं कि डिसीएफ सहित अन्य संस्थाए खाद वितरण में लापरवाही करते हैं इसलिए असली जरूरतमंद गरीब किसानों को खाद नही मिल पाती हैं जबकि बड़े किसानों एवं अन्य दलालों और नेताओं को जरूरत से अधिक खाद आसानी से मिल जाती हैं, जिसको लेकर किसानों के बीच चर्चा विषय बना रहा हैं। एडीओ सहकारिता अजय कुमार ने बताया कि खाद वितरण केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा हैं,उपस्थित किसानों को आश्वस्त किया कि खाद की असुविधा नही होगी।समय– समय पर खाद आते रहेंगे। सेलफोन पर एआर सहकारिता देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रोपाई के दौरान डीएपी के आलावा फैसफेटिक खाद का प्रयोग करे रोपाई के उपरांत यूरिया का प्रयोग करे। किसान रोपाई में भी यूरिया का प्रयोग कर रहे है।बताया कि लिक्विड फार्म में डीएपी और यूरिया सभी सेंट्रो पर भरपूर मात्रा में उपलब्ध है जिसे किसानों द्वारा प्रयोग में नही लाया जा रहा है।उन्होंने किसानों को लिक्विड फार्म का भी प्रयोग करने को कहा है।उन्होंने बताया कि एक एकड़ में एक बोरी का ही प्रयोग करे यदि ज्यादा करते है तो खेत की उर्वरता शक्ति प्रभावित होगी और खेत ऊसर हो सकती है।
इनसेट -खतौनी की जगह आधार से खाद वितरण किसानों पर पड़ रही भारी
दुद्धी, सोनभद्र। सहकारी समितियों द्वारा संचालित दुकानदारों द्वारा आधार कार्ड से खाद वितरण किसानों पर भारी पड़ रहा हैं, क्योंकि कई ऐसे लोग किसान बनकर लाइन में लगकर आधार से खाद लेकर तुरंत उच्चे दामों पर बेच देते हैं, जबकि अन्य जरूरतमंद किसानों को खाद नही मिल पाती हैं। किसानों ने मांग की हैं कि आधार कार्ड के साथ खतौनी देखकर ही खाद वितरण किया जाय ताकि खाद लेकर उच्चे दामों बेचने वालों से बचा जा सके।