Sonbhadra News : पांच लाख आबादी की जीवनरेखा पर संकट, रेलवे अब तक नहीं बना पाया वैकल्पिक रास्ता
रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर पांच लाख से अधिक आबादी की चिंता बढ़ती जा रही है। रेलवे विभाग द्वारा अब तक वैकल्पिक मार्ग की.......

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sonbhadra
4:09 PM, June 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• रेलवे की सुस्ती से बढ़ी चिंता, वैकल्पिक मार्ग के बिना शुरू हुआ निर्माण तो ठप हो जाएगा जनजीवन
• पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने उठाया था मुद्दा, बोले- पहले रास्ता बनाएं, फिर शुरू होगा निर्माण कार्य
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर पांच लाख से अधिक आबादी की चिंता बढ़ती जा रही है। रेलवे विभाग द्वारा अब तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था न किए जाने से लोगों में असमंजस और भय का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रेलवे फाटक बंद कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया तो मुख्यालय से उनका संपर्क लगभग पूरी तरह टूट जाएगा।
बिहार को जोड़ता है रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग -
रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग न केवल जनपद के सैकड़ों गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है, बल्कि यह मार्ग बिहार की सीमा तक आवागमन का प्रमुख संपर्क मार्ग भी माना जाता है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, स्कूली बच्चे, मरीज, व्यापारी और आम नागरिक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में आरओबी निर्माण के दौरान वैकल्पिक रास्ता न होना बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
प्रशासन और रेलवे विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का किया था स्थलीय निरीक्षण -
मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन और रेलवे विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण भी किया था। निरीक्षण के दौरान रेलवे फाटक के समीप ऐसे स्थान को चिन्हित किया गया था, जहां से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जा सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। न तो वैकल्पिक मार्ग का निर्माण दिखाई दे रहा है और न ही रेलवे विभाग की ओर से कोई स्पष्ट कार्ययोजना सामने आई है।
पहले रास्ता, फिर फ्लाईओवर : धर्मवीर तिवारी -
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज जनहित की महत्वपूर्ण परियोजना है और इसका निर्माण समय पर होना चाहिए, लेकिन इससे पहले आम जनता के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
धर्मवीर तिवारी ने कहा कि "रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग लाखों लोगों की जीवनरेखा है। यदि वैकल्पिक मार्ग तैयार किए बिना रेलवे फाटक बंद कर दिया गया तो लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। मरीजों, छात्रों, व्यापारियों और आम नागरिकों की समस्याएं कई गुना बढ़ जाएंगी। रेलवे विभाग को पहले वैकल्पिक मार्ग तैयार करना चाहिए, उसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रशासन और रेलवे विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों की कीमत आम जनता को न चुकानी पड़े।"
जनता पूछ रही सवाल -
स्थानीय लोगों का कहना है कि "जब निरीक्षण के दौरान वैकल्पिक मार्ग चिन्हित कर लिया गया और अधिकारियों ने सहमति भी दे दी, तो फिर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं किया जा रहा है? लोगों को डर है कि कहीं विभागीय लापरवाही के कारण निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उन्हें भारी परेशानियों का सामना न करना पड़े।"




