Sonbhadra News : सरकारी भूमि विवाद में 78 ग्रामीणों पर शिकंजा, ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर की डीएम से निष्पक्ष जांच और नोटिस निरस्त करने की मांग
घोरावल तहसील क्षेत्र के ग्राम महोबर में ग्रामसभा की लगभग 54 बीघा भूमि को लेकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर स्थानीय पुलिस पर.........

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते महोबर के ग्रामीण.....
sonbhadra
9:44 PM, July 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । घोरावल तहसील क्षेत्र के ग्राम महोबर में ग्रामसभा की लगभग 54 बीघा भूमि को लेकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर स्थानीय पुलिस पर भू-माफियाओं के प्रभाव में एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का विरोध करने के कारण गांव के 78 निर्दोष महिला-पुरुषों के विरुद्ध धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत नोटिस जारी कर दिया गया, जबकि मौके पर न तो कोई मारपीट हुई और न ही किसी प्रकार का विवाद।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम महोबर स्थित लगभग 54 बीघा भूमि को वर्ष 1995 में तत्कालीन उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज के आदेश से ग्रामसभा के खाते में दर्ज करने का निर्देश दिया गया था, जिसकी पुष्टि वर्ष 1996 में आयुक्त न्यायालय ने भी की थी। इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में समय पर संशोधन न होने का लाभ उठाकर वर्ष 2021 में कुछ बाहरी लोगों ने कथित रूप से फर्जी एवं संदिग्ध रजिस्ट्री करा ली।
ज्ञापन में कहा गया है कि जब ग्रामीणों ने सरकारी भूमि को बचाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया तो स्थानीय पुलिस ने बिना ग्रामीणों का पक्ष सुने 4 जुलाई 2026 को एकपक्षीय रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी न्यायालय द्वारा गांव के 78 ग्रामीणों के खिलाफ धारा 126/135 बीएनएसएस के अंतर्गत दो-दो लाख रुपये के बंधपत्र निष्पादित करने का नोटिस जारी कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसे आवाज दबाने और भू-माफियाओं को संरक्षण देने की कार्रवाई बताया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने 19 जून 2026 को उपजिलाधिकारी घोरावल तथा 20 जून 2026 को तहसील दिवस में भी लिखित शिकायत देकर अवैध कब्जे की जानकारी दी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
डीएम से की चार प्रमुख मांगें -
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से स्थानीय पुलिस की एकपक्षीय रिपोर्ट की किसी स्वतंत्र एवं सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने, धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत जारी नोटिस को निरस्त कराने, राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, वर्ष 1995 एवं 1996 के न्यायिक आदेशों का पालन कर पूरी 54 बीघा भूमि ग्रामसभा के नाम दर्ज कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण एवं कब्जे पर रोक लगाने की मांग की है।
इस दौरान जय प्रकाश तिवारी, प्रदीप तिवारी, प्रिंस तिवारी, पूजा, परेवा, सुजीत कुमार, जितेन्द्र कुमार, कन्हैया, बबुनी देवी, कौशल, गुलाब, लालजी, लालबिहारी, श्यामलाल सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




