Sonbhadra News : चर्चित खनन व्यवसायी इस्तियाक खान को कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
खनन कारोबारी एवं पूर्व सपा नेता इस्तियाक अहमद खान को खनन पट्टे और कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अदालत से बड़ा झटका लगा है।

sonbhadra
7:49 PM, September 10, 2026
शांतनु कुमार
० फर्जी चेक, कूटरचित दस्तावेज और खनन पट्टे से जुड़े मामले में हुई पेशी
० पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं ने रखी दलील
० बचाव पक्ष के वकील बोले- बेल पर पेश करेंगे अहम साक्ष्य
० पुलिस ने इस्तियाक खान को मुंबई से किया था गिरफ्तार
सोनभद्र । खनन कारोबारी एवं पूर्व सपा नेता इस्तियाक अहमद खान को खनन पट्टे और कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अदालत से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार 10 सितंबर 2026 को सिविल जज सीनियर डिवीजन, एफटीसी सोनभद्र की अदालत में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस्तियाक खान को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने उन्हें मुंबई से गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया था।
मामला ओबरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 से जुड़ा है। यह मुकदमा सुधीर कुमार श्रीवास्तव की पत्नी रिंकी श्रीवास्तव की ओर से दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है। मामले में फर्जी चेक के इस्तेमाल, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग, खनन पट्टे की प्रक्रिया में गड़बड़ी और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें
अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकाश शाक्य, अरुण कुमार मिश्रा और संजीत चौबे ने अपना पक्ष रखा। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता बबलू दीक्षित अदालत में उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच मामले को लेकर जोरदार बहस हुई और अपने-अपने पक्ष में दलीलें प्रस्तुत की गईं।
अभियोजन की ओर से आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की मांग की गई। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और विवेचना से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए न्यायिक अभिरक्षा की आवश्यकता बताई। वहीं बचाव पक्ष की ओर से भी अदालत के समक्ष आरोपी का पक्ष रखा गया।
मुंबई से गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी
पुलिस के अनुसार, मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 में वांछित इस्तियाक खान को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें सोनभद्र लेकर पहुंची और न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस की ओर से आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के लिए रिमांड प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद रिमांड प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। इसके बाद इस्तियाक खान को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने नियमानुसार वारंट तैयार करने के निर्देश भी दिए।
खनन पट्टे की प्रक्रिया को लेकर विवाद
मामला ओबरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिल्ली मारकुंडी में निजी भूमि पर खनन पट्टे की प्रक्रिया से भी जुड़ा बताया जा रहा है। कथित तौर पर दस्तावेजों में हेरफेर और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि खनन पट्टा हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। मामले में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों तथा खनन योजनाकार की कथित भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
मध्यस्थता का प्रयास भी रहा असफल
मामले से संबंधित दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि प्रकरण में हाईकोर्ट की ओर से मध्यस्थता के लिए निर्देश दिए गए थे। हालांकि, मध्यस्थता के प्रयास सफल नहीं हो सके। इसके बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि अदालत के समक्ष फर्जी हस्ताक्षर कर चेक के कथित इस्तेमाल, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उन्हें सरकारी विभागों में इस्तेमाल किए जाने समेत अन्य आरोपों से जुड़े तथ्य रखे गए। जिसके आधार पर कोर्ट ने 14 दिन की न्याययिक हिरासत में भेज दिया।
वही बचाओ पक्ष के वकील का कहना है कि पुलिस दबाव बनाने का काम किया है और उसके तमाम साक्ष्य बेल के समय पेश किया जायेगा।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद इस्तियाक खान को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की विवेचना और न्यायालय में होने वाली आगामी सुनवाई पर निर्भर करेगी।




