परिवहन विभाग के एआरटीओ प्रशासन धनवीर यादव ने बताया कि दिसंबर माह से फिटनेस सेंटर से ही वाहनों का फिटनेस होगा। यह स्वचालित उपकरणों के माध्यम से वाहनों का फिटनेस परीक्षण की प्रक्रिया होगा। डिजिटल प्रक्रिया से वाहनों की जांच होगी। प्रमाण पत्र ऑनलाइन होगा। ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर में जिले के सभी वाहनों की जाँच डिजिटल प्रक्रिया से की जाएगी।शासन की गाइड लाइन के अनुसार टेस्टिंग का काम होगा।मशीनों के जरिए आठ प्रकार की जांचें हो सकेंगी। मशीनों के जरिये जांच होने पर काम में पारदर्शिता तो आएगी साथ ही वाहन खराबी दूर की जा सकेगी।फिटनेस सेंटर में टायरों की जांच, लाइटिंग की व्यवस्था, पहियों की गति, इंजन की आवाज, सीटों की जांच, प्रेशर हार्न, हेड लाइट से लेकर इंडिकेटर, बैक लाइट समेत अन्य कई प्रकार की जांचें हो सकेंगी। इसके आधार पर प्रणाम पत्र जारी किए जाएंगे। दिसंबर से जिले में भी वाहन स्वामियों को ये सुविधा मिल सकेगी। एआरटीओ ने बताया कि परिवहन विभाग में अभी तक वाहनों की मैनुअल जांच होती थी। इससे विभाग पर आरोप लगते थे। वाहनों में तकनीकी दिक्कतों के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही थी।