Sonbhadra News : किसानों की समस्याओं को लेकर गरजे कांग्रेसी, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
प्रदेश में यह दावा बार-बार होता है कि किसानों के लिए खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र में खाद की किल्लत ने किसानों की कमर तोड़ दी है.....

किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी...
sonbhadra
4:09 PM, July 22, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रदेश में यह दावा बार-बार होता है कि किसानों के लिए खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र में खाद की किल्लत ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सहकारी समितियों से खाद गायब है और किसान सुबह से शाम तक कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। छोटे किसानों को जहां यूरिया और डीएपी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं बड़े और रसूखदार किसान आसानी से जरूरत से ज्यादा खाद उठा रहे हैं। इस असमानता और वितरण में गड़बड़ी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज किसानों की समस्या को लेकर शहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष हाजी फरीफ अहमद के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अन्नदाता किसानों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए समुचित बिजली एवं यूरिया खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान शहर अध्यक्ष हाज़ी फरीद अहमद ने कहा कि "पूरे प्रदेश में खरीफ की फसल की बुआई चल रही है। किसानों को इस समय धान की फसल के लिए यूरिया खाद और सिंचाई के लिए पानी की अत्यंत आवश्यकता है। भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में किसानों को मुफ्त बिजली एवं उनकी आय को दुगुनी करने का वादा किया था किन्तु वह वादा आज पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। वास्तविकता तो यह है कि प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार किसानों को मुफ्त बिजली देना तो दूर बिजली आपूर्ति की कमी के चलते उन्हें सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है और खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। आज किसान यूरिया और सिंचाई के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा है और यूरिया खाद के लिए किसान सहकारी समितियों व निजी दुकानों पर कालाबाजारी के चलते इस उमस भरी गर्मी में दिन-दिन भर लाइन लगाकर औने-पौने बढ़े दामों पर खरीदने के लिए विवश है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जनपद के सभी साधन सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। किसानों के खेत की सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाए। खेतों तक पानी पहुंचे इसके लिए टेलो की मरम्मत की जाए। नगवां डैम पर जसौली सिंचाई परियोजना का निर्माण कराया जाए, ताकि प्रत्येक किसान के खेत को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। नगवां ब्लॉक में कर्मनाशा नदी में लिफ्ट परियोजना लगाकर किसानों के खेत तक पानी पहुंचाया जाए जिससे बाकी, दरेव, देवहार, चरगड़ा, चौरा, मड़पा समेत बिहार की सीमा से सटे गांवों में किसानों के खेतों को पानी मिल सके।"




