Sonbhadra News : एबीएसए के निरीक्षण में कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर की खुली पोल, फिर चर्चा में विद्यालय
कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर के निरीक्षण में एक अध्यापक आकस्मिक छुट्टी पर था, वही नामांकित कुल 340 बच्चो के सापेक्ष में 269 बच्चे उपस्थित मिले । बच्चो की शैक्षिक गुणवत्ता संतोष जनक नही पायी गयी ।

फाइल फोटो
sonbhadra
9:39 PM, February 15, 2025
बीजपुर (सोनभद्र) । भाजपा मंत्री मंडल सुधीर पांडेय एव ईश्वरी प्रसाद ने खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर विश्वजीत पर गम्भीर आरोप लगा कर जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा शासनादेश के विरुद्ध किए गए कार्य से शिक्षको में व्यापक आक्रोश है। बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद के द्वारा दिसंबर माह में प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के बाद खाली पड़े प्रभारी पद पर खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा एक शिक्षक को कंपोजिट विद्यालय बीजपुर में प्रभारी बनाया गया है। शुक्रवार को कंपोजिट विद्यालय बीजपुर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षकों को सीधे धमकाया गया कि किसी ने विरोध किया तो दूर के स्कूल में उठा कर फेक दूंगा। उधर खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सारे आरोप बेबुनियाद एवं मनगढ़त है, मैं शुक्रवार को कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर गया तो वहां एक अध्यापक आकस्मिक छुट्टी पर था, वही नामांकित कुल 340 बच्चो के सापेक्ष में 269 बच्चे उपस्थित मिले । बच्चो की शैक्षिक गुणवत्ता संतोष जनक नही पायी गयी । बच्चो की शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए कई बार अध्यापको को निर्देशित किया जा चुका है फिर भी बच्चो की उपस्थिति संतोषजनक नही हो पा रही है । वही कुछ अध्यापको द्वारा गुटबाजी कर शिक्षक की मर्यादा का उलंघन किया जा रहा है जिससे बच्चो की मनोस्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है । विद्यालय परिसर में एक नकारात्मक वातावरण एव अनुसाशनहीनता की स्थिति उतपन्न हो रही है । जिसके लिए अध्यापको को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया । जिसके कारण कुछ अध्यापक कार्यवाही से बचने के लिए राजनीतिकरण कर रहे है।
चर्चा है कि पूर्व में भी इसी विद्यालय के दो अध्यापकों द्वारा विद्यालय परिसर में ही मारपीट किया गया था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ एवं तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बृहद दंडात्मक कार्यवाही करते हुए दोनों अध्यापकों का एक वेतन वृद्धि अवरुद्ध करते हुए दोनों अध्यापकों को अन्यत्र अलग -अलग विद्यालयों में भेजा था । जिसके बाद विद्यालय का शैक्षणिक माहौल ठीक हो गया था।लेकिन एक बार फिर विद्यालय को राजनीति का अड्डा बना दिया गया है। एवं लगातार कुछ न कुछ ऐसा अवांछनीय कार्य किया जा रहा है । जिससे विद्यालय एवं विभाग की छवि धूमिल हो रही है एवं बच्चों के शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्कूल में हो रही राजनीति व कार्यवाही से अभिभावक भी परेशान हैं । उनका कहना है कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो बच्चों का भविष्य चौपट हो जाएगा ।




